4 साल से कर रही हैं सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी
बसई गांव निवासी ममता यादव के पिता अशोक यादव एक निजी कंपनी में काम करते हैं, जबकि उनकी मां सरोज यादव गृहिणी हैं। ममता की पूरी पढ़ाई दिल्ली में ही हुई है। ममता यादव ने दिल्ली के जीके (ग्रेटर कैलाश) के बलवंत राय मेहता स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई की, फिर डीयू (दिल्ली यूनिवर्सिटी) के हिंदू कॉलेज से ग्रेजुएशन किया।
परीक्षा के पहले चरण से ही टॉपर का खिताब हासिल करने के लिए ऊंची उड़ान भरने का सपना देखने वाली ममता यादव 4 साल से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। साल 2019 में ममता यादव ने देशभर में 556वीं रैंक हासिल की थी। लेकिन उनका सपना आईएएस बनने का था। माता-पिता ने हौसला बढ़ाया और ममता ने एक बार फिर प्रयास शुरू कर दिया।
न कोई कोचिंग, न कोई गाइड, 10 से 12 घंटे की सेल्फ स्टडी
ममता बताती हैं पहले मैं दिन में 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थी, लेकिन कहीं न कहीं कोई कमी रह गई थी। इसलिए इस बार अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए मैंने दिन में 10 से 12 घंटे सेल्फ स्टडी की और आखिरकार अपने लक्ष्य को हासिल किया। बता दें कि शुक्रवार को जब परीक्षा के नतीजे आए तो ममता यादव और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ममता यादव ने इस कठिन परीक्षा में देश भर में 5वां रैंक हासिल कर न केवल परिवार बल्कि क्षेत्र का भी नाम रौशन किया। ममता यादव इससे पहले एसएससी की परीक्षा भी पास कर चुकी हैं।