सोशल मीडिया पर छात्रों ने बताया 'सबसे कठिन पेपर'
24 मई 2026 को परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और शिक्षकों ने यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 को 'अब तक का सबसे कठिन पेपर' बताया।
कई उम्मीदवारों ने परीक्षा को 'लंबा', 'अनप्रेडिक्टेबल' और 'लक बेस्ड' तक कहा। छात्रों का कहना था कि इस बार प्रश्नों का स्तर पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण रहा।
इन प्रतिक्रियाओं के बीच यूपीएससी चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि गंभीर तैयारी करने वाले उम्मीदवार जिन मुख्य स्रोतों का अध्ययन करते हैं, उन्हीं स्रोतों से प्रश्न पूछे गए थे।
डॉ. अजय कुमार ने कहा, 'मैं समझता हूं कि इस वर्ष का प्रीलिम्स कई अभ्यर्थियों को काफी कठिन और चुनौतीपूर्ण लगा। ऐसे समय में आधिकारिक प्रोविजनल आंसर-की जरूरी स्पष्टता प्रदान करती है।'
विषय विशेषज्ञ तैयार करते हैं प्रश्नपत्र
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यूपीएससी परीक्षा के प्रश्न देशभर के विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए जाते हैं। विज्ञप्ति में कहा गया कि ये विशेषज्ञ परीक्षा की आवश्यकताओं और उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए प्रश्नपत्र तैयार करते हैं, ताकि विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि से आने वाले उम्मीदवारों के लिए निष्पक्ष और समान अवसर सुनिश्चित किया जा सके।
31 मई तक दर्ज करा सकते हैं आपत्ति
यूपीएससी ने 27 मई 2026 को 24 मई को आयोजित प्रीलिम्स परीक्षा की प्रोविजनल आंसर-की जारी की थी। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार 31 मई 2026 शाम 6 बजे तक अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए आयोग ने 'Online Question Paper Representation Portal (QPRep)' उपलब्ध कराया है, जो upsconline.nic.in पर सक्रिय है।
उम्मीदवारों को अपनी आपत्ति दर्ज करते समय अपने अनुसार सही उत्तर, उसका संक्षिप्त स्पष्टीकरण और तीन प्रामाणिक स्रोतों से संबंधित दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
5.49 लाख उम्मीदवार हुए थे शामिल
इस वर्ष सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में करीब 5.49 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। यह परीक्षा सिविल सेवा के 933 पदों और भारतीय वन सेवा (IFoS) के 80 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की गई थी। यूपीएससी की परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में मानी जाती है, जिसमें हर साल लाखों उम्मीदवार हिस्सा लेते हैं।