रोजगार क्षेत्र के लिए क्या है बजट में?
रोजगार क्षेत्र के लिए घोषणाएं करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में निजी निवेश के माध्यम से 01 करोड़ 81 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही 60 लाख से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया। बीते पांच सालों में राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से 4.50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई। राज्य में जून, 2016 में बेरोजगारी दर 18 फीसदी थी जो अप्रैल, 2022 में घट कर 2.9 फीसदी रह गई है। बीते पांच सालों में कौशल विकास मिशन द्वारा 9.25 लाख से अधिक युवाओं को विभिन्न कार्यक्रमों में प्रशिक्षित किया गया है। वहीं, 4.22 लाख युवाओं को विभिन्न कम्पनियों में सेवायोजित कराया गया है।
शिक्षा क्षेत्र के लिए क्या है सौगातें?
शिक्षा क्षेत्र के लिए उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कई बड़ी घोषणाएं की। आइए इन्हें प्वाइंट्स में जानते हैं-:
- आगामी 05 वर्षों में 02 करोड़ स्मार्ट फोन / टैबलेट वितरित किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए1500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
- युवाओं के बीच उद्यमशीलता एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नयी उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2020 के अन्तर्गत 05 वर्ष में प्रत्येक जनपद में कम से कम से एक तथा कुल 100 इन्क्यूबेटर्स एवं 10,000 स्टार्टअप्स की स्थापना का लक्ष्य है।
- प्रतियोगी छात्रों को अपने घर के समीप ही कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के लिए 30 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
- जनपद वाराणसी में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की स्थापना के लिये भूमि क्रय हेतु 95 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
- खेल के विकास एवं उत्कृष्ट कोटि के खिलाड़ी तैयार करने हेतु जनपद मेरठ में मेजर ध्यानचन्द खेल विश्वविद्यालय पर 700 करोड़ रूपये की धनराशि खर्च होगी।
- भारत सरकार की खेलो इण्डिया एक जनपद- एक खेल योजनान्तर्गत प्रदेश के 75 जनपदों में खेलों इण्डिया सेन्टर्स की स्थापना की जाएगी।
- प्रदेश के 16 असेवित जनपदों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना हेतु राज्य सरकार द्वारा पीपीपी नीति घोषित की गयी है। इसमें निजी निवेश के माध्यम से मेडिकल कॉलेज स्थापित किये जायेंगे।
- एमबीबीएस एवं पीजी पाठ्यक्रमों में सीटों में वृद्धि के लिए 500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
- नर्सिंग कॉलेज की स्थापना हेतु 25 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
- अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ की स्थापना हेतु 100 करोड़ 45 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
- प्रदेश के 14 जनपदों में निर्माणाधीन नये मेडिकल कॉलेजों के लिए 2100 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
- गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु 113 करोड़ 52 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
प्राविधिक शिक्षा
सरकार की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनामी योजना के क्रम में छात्र / छात्राओं को सत्र 2022-2023 में न्यू एज ट्रेडस् के अन्तर्गत 04 पाठ्यक्रम - डाटा साइंस एवं मशीन लर्निंग, इण्टरनेट ऑफ थिग्स साइबर सेक्योरिटी और ड्रोन टेक्नोलाजी में शिक्षण प्रशिक्षण कराया जाएगा।
व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास
- प्रदेश के 04 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को मॉडल आईटीआई के रूप में विकसित किया जाएगा।
- विभिन्न जनपदों में स्थापित नवीन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में से 31 को पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जाएगा।
- उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा वर्ष 2022-2023 में 2 लाख युवाओं को पंजीकृत करते हुये प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।