उत्तर प्रदेश बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। इस साल दसवीं कक्षा के छात्रों को बिना परीक्षा के ही अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा। दसवीं की परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया है। दरअसल, कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कारण दसवीं की परीक्षाओं को रद्द करने के कयास काफी पहले से लगाए जा रहे थे, लेकिन इस पर आखिरी फैसला मुख्यमंत्री को करना था। सूबे के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने शनिवार को दसवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की।
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उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुई असाधारण परिस्थितियों में छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए दसवीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। दसवीं के छात्र बिना परीक्षा के अलगी कक्षा में प्रमोट होंगे। सरकार के इस फैसला का लाभ दसवीं कक्षा के 29,94,312 छात्रों को मिलेगा। बोर्ड को दसवीं के छात्रों को ग्यारहवीं कक्षा में प्रमोट करने के विस्तृत दिशा-निर्देश बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
बारहवीं की परीक्षा जुलाई के दूसरे हफ्ते में
वहीं, बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं का आयोजन जुलाई के दूसरे हफ्ते में ंहो सकता है। बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं का आयोजन जुलाई के दूसरे सप्ताह में तभी होगा जब कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुई स्थिति सामान्य रहेगी। बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं की समय सीमा भी कम की गई है। बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं पहले 3.15 घंटे की होती थी अब 1.5 घंटे की होगी। छह, सात, आठ, नौ और ग्यारहवीं कक्षा के छात्रों को बिना परीक्षा के ही प्रमोट किया जाएगा। इन कक्षाओं के छात्रों से सिर्फ तीन सवाल पूछे जाएंगे।
इससे पहले यूपी बोर्ड ने अप्रैल में दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था। बता दें कि इस साल दसवीं और बारहवीं कक्षा के लिए 56 लाख विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है।