यूपी बोर्ड की परीक्षाएं अंतिम दौर में हैं। 12 मार्च को अंतिम परीक्षा खत्म होने के बाद निरस्त परीक्षाएं होंगी। फिर 17 मार्च से कॉपियों का मूल्यांकन होगा। इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा की पांच करोड़ से अधिक कॉपियों के मूल्यांकन का काम प्रदेश भर के 247 केंद्रों पर होगा।
इस काम में 1.47 लाख शिक्षक लगाए जाएंगे। मूल्यांकन का काम अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक हर हाल में पूरा कराने की तैयारी की जा रही है। सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि मूल्यांकन की योजना इस तरह से तैयार की जा रही है ताकि हाईस्कूल की कॉपियों को जांचने का काम पहले पूरा कराया जा सके।
वहीं हाईस्कूल की प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक इस बार यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर समय से अपलोड हो रहे हैं। कुल 36 लाख 81 हजार 46 में से अब तक 35 लाख 23 हजार 393 परीक्षार्थियों के प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक विद्यालयों ने वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं।
इससे फायदा यह होगा कि यूपी बोर्ड को हाईस्कूल का परिणाम जारी करने में विलंब नहीं होगा। इस बार हाईस्कूल का परिणाम पहले घोषित करने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हो सका है।