हाईस्कूल के 2nd टॉपर की कहानी: तंगहाली में पढ़ाई, भाई-बहन भी रहे टॉपर, कुशाग्र बोले- डॉक्टर बनकर सेवा करूंगा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 25 Apr 2023 05:58 PM IST
सार
'अमर उजाला डॉट कॉम' ने कानपुर देहात के कुशाग्र पांडेय से बात की। उनसे उनकी कहानी जानी और सफलता का राज जाना। आइए जानते हैं कुशाग्र की पूरी कहानी...
कुशाग्र पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
यूपी बोर्ड हाईस्कूल में इस बार टॉपर लिस्ट में दूसरे नंबर पर संयुक्त रूप से दो परीक्षार्थी रहे। दोनों को 97.83 प्रतिशत अंक मिले हैं। इसमें एक कानपुर देहात के कुशाग्र पांडेय हैं तो दूसरी अयोध्या की मिश्कत नूर हैं। 'अमर उजाला डॉट कॉम' ने कानपुर देहात के कुशाग्र पांडेय से बात की। उनसे उनकी कहानी जानी और सफलता का राज जाना। आइए जानते हैं कुशाग्र की पूरी कहानी...
कुशाग्र पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
यूपी बोर्ड हाईस्कूल में इस बार टॉपर लिस्ट में दूसरे नंबर पर संयुक्त रूप से दो परीक्षार्थी रहे। दोनों को 97.83 प्रतिशत अंक मिले हैं। इसमें एक कानपुर देहात के कुशाग्र पांडेय हैं तो दूसरी अयोध्या की मिश्कत नूर हैं। 'अमर उजाला डॉट कॉम' ने कानपुर देहात के कुशाग्र पांडेय से बात की। उनसे उनकी कहानी जानी और सफलता का राज जाना। आइए जानते हैं कुशाग्र की पूरी कहानी...
पिता प्राइवेट स्कूल में शिक्षक, तंगहाली में की पढ़ाई
कुशाग्र मूल रूप से कानपुर देहात के रहने वाले हैं। पिता राजेश कुमार पांडेय भी उसी विद्यालय के शिक्षक हैं, जहां से कुशाग्र पढ़ाई कर रहे हैं। प्राइवेट स्कूल के शिक्षक के तौर पर राजेश की सैलरी काफी कम है। इसके बावजूद बड़ी की कठिनाई से वह परिवार के छह सदस्यों का पालन-पोषण कर रहे हैं। मां सुधा पांडेय गृहणी हैं। कुशाग्र के परिवार की तंगहाली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि केवल पिता और भाई को छोड़कर परिवार के किसी के पास मोबाइल नहीं है। पिता और भाई के पास भी कीपैड मोबाइल ही है। स्मार्ट फोन नहीं है। खेती के नाम पर केवल एक बीघे की जमीन है।
परिवार के साथ कुशाग्र
- फोटो : अमर उजाला
पापा ने पढ़ाया, डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करूंगा
कुशाग्र कहते हैं, 'हमें गरीबी का एहसास है। हमारा पूरा परिवार इस चीज को समझता है। मेरे पापा घर चलाने के लिए काफी मेहनत करते हैं। हम उनकी उम्मीदों पर खरे उतरने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।' राजेश फिजिक्स के शिक्षक हैं। कुशाग्र ने कहा, 'पापा ऑलराउंडर हैं। वह सारे विषयों के अच्छे जानकार हैं। इसलिए वह हमेशा मुझे और मेरे भाई बहनों को पढ़ाते हैं।'
कुशाग्र कहते हैं, 'मैं डॉक्टर बनूंगा। आमतौर पर लोग डॉक्टर बनकर शहरों की तरफ चले जाते हैं। पैसा कमाना लोगों का उद्देश्य बन जाता है, लेकिन मेरा नहीं होगा। मैं गांव-गांव के लोगों की सेवा करूंगा। यही मेरा उद्देश्य होगा। मेरे पापा तमाम अभाव में भी हमेशा लोगों की मदद करते हैं। मैं अपने पापा की राह पर चलूंगा।'
भाई और बहन ने भी किया टॉप
कुशाग्र के बड़े भाई अनुराग पांडेय ने भी पिछली बार जिले में तीसरा स्थान हासिल किया था। इस वक्त अनुराग दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीएससी की पढ़ाई कर रहे हैं। बड़ी बहन ने 2015 में जिले में चौथा स्थान हासिल किया था। वह भी अभी एमए की पढ़ाई कर रहीं हैं। एक छोटी बहन अवनी पांडेय छठवीं में पढ़ाई कर रही है।