इंटरमीडिएट में गाजीपुर कॉलेज के अंकुश यादव ने 88.20 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। रिजल्ट घोषित होते ही टॉपरों समेत जिले के सभी उत्तीर्ण विद्यार्थियों के घर में जश्न का माहौल है। डीआईओएस उदय प्रकाश मिश्रा ने टॉपर समेत उत्तीर्ण सभी परीक्षार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी है। टॉपरों की सूची भी यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड हो गई है।
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पिछले साल इंटरमीडिएट में टॉप करने वाली तनु तोमर का कहना है कि यह स्वाभाविक है कि जो बच्चा बोर्ड की परीक्षा में पहली बार शामिल होता है, वह रिजल्ट को लेकर घबराहट महसूस करता है। मगर, ऐसी स्थिति में अभिभावकों को भी बच्चों का साथ देना चाहिए। उनका मनोबल बढ़ाना चाहिए। बता दें कि पिछले साल तनु तोमर ने इंटरमीडिएट में 97.80 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में टॉप किया था। तनु का सपना डॉक्टर बनने का है। लगातार 19 घंटे की पढ़ाई से मेरिट में पहला स्थान हासिल कर दिखाया था। तनु तोमर के पिता हरेंद्र सिंह किसान हैं और माता रूमा गृहणी हैं। तनु तोमर ने बताया था कि कक्षा 11 से उसने टॉपर बनने का लक्ष्य बनाया और इसके लिए कड़ी मेहनत शुरू की। दो साल से करीब 19 घंटे की पढ़ाई के बाद टॉप किया था।
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इंटर में बड़ौत के अनुराग मलिक ने पूरे प्रदेश में टॉप किया है। अनुराग मलिक श्रीराम कॉलेज के छात्र हैं। अनुराग मलिक ने 97 प्रतिशत के साथ इंटरमीडिएट में पूरे प्रदेश में टॉप किया है। खास बात यह है कि इसी स्कूल की तनु तोमर ने पिछले साल पूरे प्रदेश में इंटरमीडिएट में टॉप किया था। इंटर टॉपर अनुराग का कहना है कि मुझे उम्मीद थी कि मैं टॉप करूंगा। रोज 15 घंटे पढ़ाई करता था। जब तक टारगेज पूरा नहीं होता था तो पढ़ाई करता था। उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता ने पूरा सपोर्ट किया है। मेरे स्कूल स्टाफ ने सहयोग किया है। अनुराग के पिता की छोटी सी इलेक्ट्रिक की दुकान है।
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पिछले साल बारहवीं में 70.06 फीसदी विद्यार्थी पास हुए थे। साल 2018 में बारहवीं कक्षा में 72.43 फीसदी और साल 2017 में 82.62 फीसदी रिजल्ट रहा था। उससे पहले साल 2016 में बारहवीं कक्षा का रिजल्ट 87.99 फीसदी और 2015 में 88.83 फीसदी रहा था।
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यूपी सरकार ने टॉपर्स को लैपटॉप देने की घोषणा की है। इसके अलावा दसवीं और बारहवीं कक्षा के टॉपर्स विद्यार्थियों को सरकार एक लाख रुपये की सहायता राशि भी देगी। 20 टॉपर्स के घर तक सरकार पक्की सड़क भी बनाएगी। उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि दसवीं और बारहवीं कक्षा में कुल 51,30,481 परीक्षार्थी शामिल हुए। दसवीं कक्षा में 27,44,976 परीक्षार्थी और बारहवीं कक्षा में 23,85, 505 परीक्षार्थी शामिल रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना इस वर्ष परिणाम अच्छा रहा।
21 दिनों में कॉपियां जांचना और टाइम पर परीक्षाफल घोषित करना बड़ी चुनौती था। परीक्षा में नकल रोकने के लिए एक लाख से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। इसके लिए 95 हजार शिक्षक भी लगाए गए थे। वहीं हर परीक्षा केंद्र व जिले पर राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग सेंटर भी बने थे। उन्होंने कहा कि कोरोन संक्रमण के चलते कार्य बाधित हुआ जिसके चलते नतीजे एक महीने देरी से आए।
उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि इस वर्ष 12वीं की परीक्षा में कंपार्टमेंट परीक्षा का प्रावधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार इंटर वालों को भी कंपार्टमेंट में बैठने का मौका मिलेगा। यही नहीं उन्होंने कहा कि हमने सामूहिक नकल होने पर रोक लगाई है। इससे पहले आधा ट्रक नकल सामग्री पकड़ी जाती थी। इस बार प्रदेश में 52 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। दिनेश शर्मा ने कहा कि परीक्षाफल समय से जारी करना सपना था। कोरोना काल में कॉपियां जांचना काफी चुनौती पूर्ण था।
यूपी 12वीं का रिजल्ट घोषित होने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने पास होने वाले सभी छात्रों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में रिजल्ट घोषित करना भी बड़ी चुनौती थी। ऐसे में दिनेश शर्मा और उनकी पूरी टीम बधाई की पात्र हैं। उन्होंने कहा कि टॉपर्स ने प्रदेश का नाम रोशन किया है।
यूपी बोर्ड का रिजल्ट घोषित होने के बाद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने घोषणा की है कि 10वीं और 12वीं में टॉप करने वाले 20 छात्रों के घर तक पक्की सड़क बनवाई जाएगी।
इंटरमीडिएट की परीक्षा में इस बार 74.63 फीसदी बच्चे पास हुए हैं। उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि छात्रों को एक जुलाई से डिजिटल मार्कशीट मिलेगी।
बागपत के अनुराग मलिक ने 97 प्रतिशत नंबर लेकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जबकि 12वीं में दूसरे नंबर पर प्रायगराज के प्रांजल सिंह रहे हैं। वहीं औरैया के उत्कर्ष शुक्ला ने तीसरा स्थान हासिल किया है। प्रांजल ने 96 फीसदी नंबर हासिल किए हैं तो वहीं उत्कर्ष शुक्ला ने 94.80 प्रतिशत नंबर हासिल किए हैं।
यूपी बोर्ड 12वीं का रिजल्ट घोषित हो गया है। उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि रिजल्ट अच्छा रहा है। उन्होंने नतीजों का एलान करते हुए कहा कि इस बार 12वीं में बागपत के अनुराग मलिक ने प्रदेश में टॉप किया है।
इस बार का परिणाम भी पिछले साल की तरह ही अच्छा रहने वाला है। सूत्रों के अनुसार परिणाम में कुछ खास उलटफेर नहीं होने वाला है। यानी माना जा रहा है कि छात्रों के ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है।
आगरा की बात करें तो 69740 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी। इसमें हाईस्कूल के 35108 तथा इंटर के 34632 परीक्षार्थी शामिल रहे। हालांकि जनपद में पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या 78597 थी।
लखनऊ के सचिवालय लोकभवन में रिजल्ट घोषित करने की सारी तैयारियां हो गई हैं। लोकभवन में उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का इंतजार हो रहा है। वहीं मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। कुछ देर में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा पहुंचने वाले हैं।
रिजल्ट आने से पहले ज्यादातर छात्र काफी उत्साहित हो जाते हैं और ऑनलाइन रिजल्ट देखने के समय कई गलतियां कर बैठते हैं। ऐसे में आपको रिजल्ट देखने में बहुत देर हो सकती है। छात्र माईरिजल्टप्लस की ऑफिशियल वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।
इस साल यूपी बोर्ड की 10वीं-12वीं कक्षा की कुल कॉपियों की संख्या 1,29,41,714 थीं, जिनका मूल्यांकन होना था।
इंटरमीडिएट परीक्षा में पंजीकृत हुए छात्रों की कुल संख्या- 25,86,440
परीक्षा में शामिल हुए छात्रों की कुल संख्या- 23,85,505
इंटरमीडिएट परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले छात्रों की कुल संख्या- 2,00,935
इस वर्ष यूपी बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षा का आयोजन 18 फरवरी से 6 मार्च तक किया गया था। वहीं इन उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन की प्रक्रिया भी 16 मार्च से शुरू हो गई थी। परंतु कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन के कारण मूल्यांकन प्रक्रिया को बीच में ही रोकना पड़ा था। यूपी बोर्ड की कुल कॉपियों की संख्या 1,29,41,714 थी। इन उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन फिर 5 मई, 2020 से ग्रीन जोन के 20 जिलो में शुरू किया गया था। वहीं ऑरेंज जोन के जिलों में 12 मई से तथा रेड जोन के 19 जिलों में 19 मई से फिर से मूल्यांकन कार्य शुरू हुआ था। वहीं पिछले साल यानी 2019 में परिणाम 27 अप्रैल, 2019 को जारी किए गए थे। 2019 यूपी बोर्ड 12वीं का परिणाम 70 प्रतिशत रहा था। इस परीक्षा में बड़ौत की तनु तोमर नें 97.8 प्रतिशत अंक लाकर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था।
पहली बार इंटरमीडिएट में भी कंपार्टमेंट की सुविधा शुरू की जा रही है। एक विषय मे फेल विद्यार्थी कंपार्टमेंट दे सकता है। वहीं हाईस्कूल में पांच विषय में पास व एक में फेल को पास माना जाता है। विद्यार्थी इंप्रूवमेंट की परीक्षा दे सकता है। दो विषय में फेल पर वह कंपार्टमेंट दे सकता है।
इस साल मेरठ में पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या 86607 है, जिनमें हाईस्कूल 43499 और इंटरमीडिएट 43108 हैं। ये यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय से जारी संख्या है, जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से यह संख्या 86402 है। यह फर्क क्यों, इसकी जांच की जा रही है। वहीं, परीक्षा में अनुपस्थित रहे करीब आठ हजार रिजल्ट आने से पहले ही फेल हो गए हैं। यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 17 जिलों के 10 लाख, 89 हजार 91 छात्रों को भी परीक्षा परिणाम का इंतजार है। इनमें पांच लाख 70 हजार 252 परीक्षार्थी हाईस्कूल और पांच लाख 18 हजार 839 परीक्षार्थी इंटरमीडिएट में पंजीकृत हैं। इनमें 66 हजार 455 छात्र ऐसे हैं, जिन्होंने परीक्षा नहीं दी है।
कुछ देर में यूपी बोर्ड के नतीजे आने वाले हैं। यूपी बोर्ड के परिणाम आने से पहले ही छात्र अपने पास एडमिट कार्ड जरूर तैयार रखें। रिजल्ट देखने के लिए ऑनलाइन सभी जानकारियां सही रूप में भरें।
प्रदेश में 2017 में नई सरकार के गठन के बाद से डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा की ओर से बोर्ड परीक्षा के कार्यक्रम लगातार लखनऊ से जारी किए जाते रहे हैं, अब वह पहली बार सचिवालय लोकभवन से हाईस्कूल-इंटरमीडिएट का परिणाम भी एक साथ जारी करेंगे। यूपी बोर्ड से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इससे पूर्व यूपी बोर्ड के सचिव एवं सभापति में टकराव की वजह से वर्ष 2003 एवं 2007 में हाईस्कूल परीक्षा का परिणाम भी लखनऊ निदेशक कार्यालय से जारी हुआ था, जबकि इंटरमीडिएट का परिणाम बोर्ड मुख्यालय से ही जारी किया गया था।
अभिभावक घर का माहौल खुशनुमा बनाएं रखें, झगड़े का बिल्कुल भी अहसास न होने दें।
अपनो बच्चों की आलोचना करने से बचें, अन्य बच्चे से तुलना न करें।
शिक्षक बच्चों को डांटे नहीं, उनका मनोबल बढ़ाते रहें।
अभिभावक सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को माहौल देने की कोशिश करें।
अभिभावक बच्चों को इस बात का एहसास दिलाएं कि उनके लिए बच्चों से कीमती चीज और कुछ भी नहीं है।
रिजल्ट को लेकर कोसने के बजाए अभिभावक बच्चों को आगे बेहतर करने की सलाह दें।
अभिभावक ज्यादा से ज्यादा समय बच्चों के साथ ही बिताएं। उन्हें अकेला बिल्कुल भी न छोड़ें।
कुछ घंटों बाद यूपी बोर्ड का रिजल्ट आने वाला है। इसे लेकर बोर्ड ने सारी तैयारियां भी कर ली हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश के शिक्षा मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से रिजल्ट घोषित करेंगे। वहीं इसके बाद छात्र यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upresults.nic.in पर विजिट कर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। छात्र अपना नाम, रोल नंबर और स्कूल कोड डालकर अपना रिजल्ट प्राप्त कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा देने वाले सभी छात्रों को शुभकामनाएं दी हैं। सीएम योगी ने ट्वीट किया कि "मेरे प्यारे बच्चों, आज यूपी बोर्ड का परीक्षाफल आना है। वैसे परीक्षा व परीक्षाफल आत्म विश्लेषण का माध्यम मात्र हैं। अतः प्रत्येक परीक्षाफल को सहजतापूर्वक स्वीकार करना ही श्रेष्ठ है। प्रभु श्री राम की कृपा से आप सभी को मनोनुकूल परीक्षाफल की प्राप्ति हो।"
करियर एक्सपर्ट गौरव सचदेवा ने कहा कि ग्रेजुएशन के साथ-साथ आईएएस की भी तैयारी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इसके लिए छात्रों को प्रतिदिन अखबार पढ़ना चाहिए। एनसीईआरटी की कक्षा 6 से 12 तक की किताबों को पढ़ना चाहिए। वह भी कम से कम तीन चार बार, साथ ही करंट अफेयर्स पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समय यूट्यूब पर बहुत सारी ऑनलाइन क्लास चल रही हैं उन्हें भी देखना चाहिए और लगातार पढ़ाई करनी चाहिए। इसके बाद मुख्य परीक्षा के लिए विषयों को चुनना होता है। फिर आगे उसी हिसाब से तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विज्ञान के विद्यार्थियों के पास काफी विकल्प होते हैं।
करियर एक्सपर्ट छात्रों के साथ-साथ उनके माता पिता से भी अनुरोध कर रहे हैं कि वे अपने बच्चों पर दबाव न डालें और गुस्सा न करें। इससे बेहतर है कि वह आगे की योजना पर काम करें।
साल 2017 में इंटरमीडिएट की परीक्षा में आरती कुशवाह ने जिले में टॉप किया था। उन्होंने 93.60 फीसदी अंक प्राप्त किए थे। वह शिक्षक बनना चाहती हैं। जिसके लिए वह मेहनत भी कर रही हैं। आरती मार्निंग रेज इंटर कॉलेज नवांमील की छात्रा थीं। बोर्ड के अभ्यर्थियों के लिए आरती ने कहा है कि रिजल्ट देखकर तनाव न लें। इससे कोई फायदा नहीं होने वाला है। आगे की योजना बनाएं और पूरी मेहनत और लगन के साथ लक्ष्य को पाने की कोशिश करें।
| जिला | इंटरमीडिएट |
| गोरखपुर | 69107 |
| महाराजगंज | 32400 |
| देवरिया | 72356 |
| कुशीनगर | 49119 |
| कुल | 222979 |
इंटरमीडिएट की परीक्षा में साल 2016 में गौरव धाकरे ने जिले में टॉप किया था। उन्होंने 96.2 फीसदी अंक हासिल किए थे। अब वह दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे हैं। गौरव ने छात्रों के लिए मैसेज दिया है कि वे प्राप्तांक अच्छे होने से हमारा मनोबल जरूर बढ़ता है, लेकिन यही हमारी मंजिल नहीं होती है। मंजिल की ओर बढ़ने और उसे पाने के लिए और अच्छा करने की जरूरत होती है। गौरव संत श्री आनंददास जी महाराज इंटर कॉलेज डौकी के विद्यार्थी थे।
| साल | प्रतिशत |
| 2019 | 70.06 |
| 2018 | 72.43 |
| 2017 | 82.62 |
| 2016 | 87.99 |
| 2015 | 88.83 |
परीक्षा में पास होने के लिए छात्र-छात्राओं को प्रत्येक विषय में न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक प्राप्त करने जरूरी होते हैं। यदि छात्र एक विषय या दो में फेल हो जाता है तो बोर्ड कंपार्टमेंटल परीक्षा आयोजित करेगा। इसमें छात्र हिस्सा ले सकते हैं।
इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राएं संबंधित लिंक UP Board Result 2020 Class 12 (Intermediate) - Register Here पर क्लिक करके अभी खुद को रजिस्टर करें।
रिजल्ट देखने के लिए छात्र-छात्राएं यूपी बोर्ड की वेबसाइट www.upmsp.edu.in पर लॉगइन कर सकते हैं। जहां उन्हें इंटर की परीक्षाओं के परिणाम का लिंक मिलेगा। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि ज्यादा ट्रैफिक के कारण वेबसाइट कुछ समय के लिए काम करना बंद कर देती है। इसलिए छात्र सबसे पहले परिणाम माईरिजल्टप्लस की ऑफिशियल वेबसाइट https://results.amarujala.com/board/up-board पर देख सकते हैं।
यूपी बोर्ड ने 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए स्क्रूटनी के लिए नया नियम निकाला है। इस बार छात्र स्क्रूटनी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। जबकि इससे पहले ऑफलाइन आवेदन करना पड़ता था। हालांकि परिणाम जारी होने के 25 दिन के अंदर छात्र-छात्राओं को स्क्रूटनी के लिए आवेदन करना होगा।
इस साल ऐसा पहली बार हो रहा है, जब यूपी बोर्ड के दसवीं और बारहवीं के नतीजे प्रयागराज की बजाय लखनऊ से जारी होंगे। परिणाम की घोषणा भी माध्यमिक शिक्षा निदेशक की जगह माध्यमिक शिक्षा मंत्री जारी करेंगे। परिणामों की घोषणा के साथ ही अभ्यर्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं।
पिछले साल तक इटरमीडिएट के परिणाम बोर्ड के सभापति एवं सचिव द्वारा बोर्ड मुख्यालय से जारी होते रहे हैं। लेकिन इस बार यह परंपरा बदल गई है।
इस बार 12वीं यानी इंटरमीडिएट में 25,86,440 परीक्षार्थियों ने पंजीकृत करवाया और 23,85,505 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। यानी परीक्षा में 2,00,935 अनुपस्थित रहे।
पहली बार होगा जब छात्र-छात्राओं को डिजिटल हस्ताक्षर वाली मार्कशीट मिलेगी। यूपी बोर्ड के रिजल्ट को तो तुरंत आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। लेकिन डिजिटल हस्ताक्षर वाली मार्कशीट अपलोड होने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
इस बार 12वीं की परीक्षएं 18 फरवरी को शुरू हुई थीं जो कि 6 मार्च को समाप्त हुईं। इस बार कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के चलते मूल्यांकन कार्य बाधित हुआ। इसलिए परीक्षा परिणाम एक माह देरी से जारी हो रहा है।
ऐसा पहली बार होगा जब यूपी बोर्ड के 12वीं परीक्षा के परिणाम लखनऊ से प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा जारी करेंगे।
2019 में 12वीं का रिजल्ट 27 अप्रैल को घोषित किया गया था। वहीं इस बार लॉकडाउन के चलते परीक्षा परिणाम जारी करने में देरी हुई है।
चरण- 1 सबसे पहले My Result Plus की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
चरण- 2 उसके बाद यूपी बोर्ड 2020 लिंक पर क्लिक करें।
चरण- 3 12वीं के रिजल्ट के लिए इंटरमीडिएट वाले लिंक पर क्लिक करें।
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चरण- 4 अब आपको अपना जरूरी विवरण जैसे - नाम, रोल नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल-आईडी दर्ज करें।
चरण- 5 सबमिट बटन पर क्लिक करें।
यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं परीक्षा में कुल 4,80,591 छात्र-छात्राएं अनुपस्थित रहे। इसलिए बोर्ड ने पहले ही इन छात्रों को असफल घोषित कर दिया है।