महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि सितंबर आखिर तक विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं कराना संभव नहीं है। सूबे के तकनीकी और उच्च शिक्षा मंत्री उदय सावंत ने केंद्र से कहा कि कोरोना वायरस की स्थिति को देखते हुए सूबे में सितंबर के अंत तक विश्वविद्यालयों के अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराना असंभव है। यूजीसी के दिशा-निर्देश जारी होने के बाद सावंत ने मानव संसाधन विकास मंत्रालाय को पत्र लिखकर यह बात कही है।
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उन्होंने कहा, मैंने यूजीसी और मानव संसाधन विकास मंत्रालय दोनों को पत्र लिखकर सूचित किया है कि कोरोना वायरस की परिस्थिति को देखते हुए सिंतबर के अंत तक विश्वविद्यालयों के अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराना अंसभव है। गौरतलब है कि यूजीसी ने गाइडलाइंस जारी कर कहा था कि यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं अनिवार्य हैं। सितंबर आखिर तक सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं करानी हैं।
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उन्होंने कहा कि सूबे की सरकार ने विश्वविद्यालय के वाइज चांसलर के सुझाव पर परीक्षाएं न कराने का फैसला लेना चाहिए। आपको बता दें कि यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने गुरुवार को कहा कि अगर हम फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षाएं नहीं कराएंगे तो इससे उनकी डिग्री की वैधता पर एक सवाल उठता है। हमने देखा कि बदलती हुई कोरोना वायरस की परिस्थितियों और विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए जुलाई में अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा कराना संभव नहीं था। इसलिए तीस सिंतबर तक परीक्षा कराने की गाइडलाइंस दी गई हैं। यूजीसी ने बाकायदा परीक्षाओं के लिए विस्तृत एसओपी भी जारी की जिसमें परीक्षाओं को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।