दिशा-निर्देश तैयार
भारतीय भाषा समिति (Bharatiya Bhasha Samiti - BBS) ने उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत नए भाषा पाठ्यक्रम शुरू किए जा सकेंगे। इन दिशा-निर्देशों में शामिल हैं -
भाषा कोर्स का स्वरूप
- लक्ष्य भाषा में बोलने और पढ़ने-लिखने की व्यावहारिक क्षमता विकसित करने पर जोर
Target Learners
- स्नातक, स्नातकोत्तर, शोधार्थी तथा विशेष आवश्यकता वाले या सेक्टर-विशिष्ट भाषा चाहने वाले छात्र
- Recognition of Prior Learning का विकल्प भी उपलब्ध होगा
सीखने की सामग्री
- कॉलेज अपने भाषा संसाधन टेक्स्ट, वीडियो, ऑडियो स्वयं विकसित कर सकेंगे
- अन्य संस्थानों से सहयोग भी किया जा सकता है
ट्रेनर्स की नियुक्ति
- विभिन्न भाषायी पृष्ठभूमि के प्रशिक्षक संस्थान के भीतर तथा बाहर से नियुक्त किए जा सकेंगे
- Task-Based Language Teaching और CLIL जैसे प्रशिक्षण के लिए भी क्रेडेंशियल्स का प्रावधान
Incentives for Learners: सीखने वालों के लिए पहल
- भाषा दक्षता हासिल करने पर माइक्रो-क्रेडेंशियल्स Academic Bank of Credits (ABC) में दर्ज होंगी
- बेहतर प्रदर्शन वाले मेंटर्स को ‘HEI Language Mentor’ सर्टिफिकेट के लिए क्रेडिट्स दिए जाएंगे
यूजीसी ने कहा कि यह प्रयास देश के विविध भाषायी समूहों के बीच आपसी समझ बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" की भावना को मजबूत करेगा।
यूजीसी का नोटिस यहां देखें...