दूसरे सेमेस्टर से प्रशिक्षु प्रोग्राम
प्रथम सेमेस्टर में कॉलेज में पढ़ाई करनी होगी। इसके बाद दूसरे सेमेस्टर में इंडस्ट्री में जाकर प्रशिक्षु प्रोग्राम शुरू होगा। छात्र अपने मनपसंद विषय को चुनकर अपनी ट्रेनिंग कर सकता है। उदाहरण के तौर पर छात्र इंडस्ट्री के अलावा राजनेता, वकील, कमिश्नर ऑफिस में भी प्रशिक्षु प्रोग्राम से जुड़ सकता है। तीन वर्षीय प्रोग्राम के छात्रों को कम से कम एक सेमेस्टर और चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के छात्रों को कम से कम दो सेमेस्टर इंडस्ट्री में बीताने होंगे।
इसके अलावा आखिरी सेमेस्टर प्रशिक्षु प्रोग्राम का होगा। दूसरे सेमेस्टर से आगे की अवधि की अधिकतम 50 फीसदी तक प्रशिक्षु प्रोग्राम होगा। राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क के अनुसार 30 घंटे के प्रशिक्षण पर 1 क्रेडिट और एक वर्षीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण पर न्यूनतम 40 क्रेडिट मिलेंगे।