यूजी, पीजी कोर्स के फर्स्ट ईयर में प्रवेश लेने के बाद कोई छात्र अगर किसी कारण से एडमिशन वापस लेता है, तो संबंधित यूनिवर्सिटी को पूरी फीस लौटानी होगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इस बारे में नया निर्देश जारी किया है। साथ ही चेतावनी दी है कि इसका पालन नहीं करने पर संबंधित संस्थान पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
यूजीसी ने जारी नोटिस में लिखा है कि 30 नवंबर 2020 तक एडमिशन / माइग्रेशन रद्द करने वाले छात्रों को पूरी फीस वापस मिलेगी। यूनिवर्सिटीज एक रुपया भी कैंसिलेशन चार्ज नहीं ले सकतीं। जबकि 31 दिसंबर 2020 तक एडमिशन रद्द करने वाले स्टूडेंट्स को 1000 रुपये प्रोसेसिंग फीस के तौर पर देना होगा। यानी जितनी फीस उन्होंने भरी होगी, उसमें से 1000 रुपये काटकर शेष रकम उन्हें वापस की जाएगी। हांलाकि यह निर्देश विशिष्ट परिस्थितियों को देखते हुए आया है। यह सिर्फ इस साल के लिए लागू किया जा रहा है। उसके बाद पुराने नियम ही लागू होंगे।
UGC का ऑफिशियल नोटिस।
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