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UGC NET Cancelled: "यूपीएससी से सीखो...", यूजीसी नेट परीक्षा रद्द होने पर छात्रों ने क्यों कहा ऐसा?

Thu, 20 Jun 2024 12:02 AM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

UGC NET Exam Cancelled: यूजीसी नेट परीक्षा आयोजित होने के 1 दिन बाद ही रद्द कर दी गई है। परीक्षा 18 जून, 2024 को देशभर के 317 शहरों में स्थित 1205 केंद्रों पर आयोजित की गई थी।
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UGC NET Cancelled - फोटो : Amar ujala graphics
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विस्तार
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UGC NET Exam 2024 Cancelled: पेपर लीक की खबरें उन हजारों लाखों उम्मीदवारों के सपनों पर पानी फेर देती हैं, जो सालों मेहनत और घंटो पढ़ाई करके परीक्षा में बैठते हैं। परीक्षा देने के बाद जब उन्हें पता चलता है कि पेपर रद्द हो गया है, तो इससे उनके उम्मीदों को काफी ठेस पहुंचती है। ऐसा ही कुछ हुआ है यूजीसी नेट के अभ्यर्थियों के साथ...

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81% अभ्यर्थी हुए परीक्षा में शामिल

यूजीसी नेट परीक्षा आयोजित होने के 1 दिन बाद ही रद्द कर दी गई है। परीक्षा 18 जून, 2024 को देशभर के 317 शहरों में स्थित 1205 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए 11.21 लाख उम्मीदवार पंजीकृत थे, जिनमें से 81 फीसदी उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी।

19 जून देर रात आई खबर ने उम्मीदवारों की मेहनत पर पानी फेर दिया। करीब 10 बजे खबर आई की यूजीसी नेट परीक्षा रद्द कर दी गई है। भारत के शिक्षा मंत्रालय कि ओर से कहा गया, "सरकार परीक्षाओं की पवित्रता सुनिश्चित करने और छात्रों के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।"

आगे लिखा, "शिक्षा मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि यूजीसी-नेट जून 2024 परीक्षा को गृह मंत्रालय के तहत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से इनपुट के आधार पर रद्द कर दिया जाए, यह दर्शाता है कि परीक्षा की अखंडता से समझौता किया गया हो सकता है।"

मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपी गई है। कहा गया, "नई परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसके लिए जानकारी अलग से साझा की जाएगी। मामले की गहन जांच के लिए सीबीआई को सौंपा जा रहा है।"
 

एनटीए की छवि पर लग रहे दाग

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी में अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच इस खबर ने NTA की छवि पर बुरा असर डाला है। सोशल मीडिया पर NTA की काफी आलोचना हो रही है।

एक्स पर एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा, "मंगलवार को 317 से अधिक शहरों में 11.21 लाख पंजीकृत उम्मीदवारों में से 81 प्रतिशत से अधिक परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से कई ने अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर की यात्रा की। आगामी परीक्षाओं की शुचिता से समझौता न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों का विस्तृत ब्यौरा होना चाहिए। शिक्षा प्रणाली में पेपर लीक और भ्रष्टाचार से जल्द से जल्द निपटा जाना चाहिए, नहीं तो यह हमारे युवाओं के भविष्य से समझौता कर सकता है।"

वहीं एक यूजर ने लिखा, "दुर्भाग्य से एनटीए की विश्वसनीयता बुरी तरह से क्षतिग्रस्त है... मुझे लगता है कि यह सभी परीक्षा आयोजित करने के लिए एक संस्था के विचार पर फिर से विचार करने का समय है। निश्चित रूप से... यह काम अच्छी तरह से संभालने में सक्षम नहीं है।"
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'यूपीएससी से सीखो पेपर कैसे कराया जाता है'

एक यूजर ने लिखा, "जब तक पेपर लीक पर कोई कठोर कानून नहीं बनेगा, तब तक पेपर लीक की समस्या खत्म नहीं होगी। जितने पेपर लीक हो रहे है, उसमे सरकार के किसी मंत्री या अधिकारी या कोई कर्मचारी का जरूर हाथ है, नहीं तो किसी की इतनी हिम्मत नही कि परीक्षा से पहले कोई भी जान पाए कि परीक्षा में क्या पूछा जायेगा...." 

यूजर ने आगे लिखा, "एक एग्जाम आप लोग नहीं करा पा रहे हैं...UPSC से ही सीख लीजिए कैसे एग्जाम कराया जाता है। कम से कम पेपर लीक की खबर मेरी जानकारी में UPSC की तरफ से नही आई।"
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