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जादवपुर विश्वविद्यालय, जामिया हमदर्द को नहीं मिलना चाहिए IoE टैग, UGC और EEC ने शिक्षा मंत्रालय से की सिफारिश

Sun, 13 Aug 2023 12:23 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

एक एक्सपर्ट पैनल और यूजीसी ने सिफारिश की है कि जादवपुर विश्वविद्यालय और जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय को प्रतिष्ठित संस्थान (IoE) का टैग नहीं दिया जाना चाहिए। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है।
 
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यूजीसी के चेयरमैन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जादवपुर विश्वविद्यालय और जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय को केंद्र द्वारा प्रतिष्ठित संस्थान (Institutions of Eminence) का दर्जा देने के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था, लेकिन अधिकारियों के अनुसार एक एक्सपर्ट पैनल और यूजीसी ने सिफारिश की है कि इन विश्वविद्यालयों को यह टैग नहीं दिया जाना चाहिए।

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सिफारिशों पर अभी नहीं हुआ है विचार

अधिकारियों ने यह भी बताया कि कुछ समय पहले अन्ना विश्वविद्यालय को भी प्रतिष्ठित संस्थान (IoE) का दर्जा देने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे अब तमिलनाडु सरकार ने वापस ले लिया है। वहीं, जादवपुर विश्वविद्यालय और जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय को लेकर अधिकारियों का ये कहना है कि इन्हे यह टैग नहीं दिया जाना चाहिए। हालांकि, शिक्षा मंत्रालय ने अभी तक अधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति (EEC) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की सिफारिशों पर विचार नहीं किया है। 

शिक्षा मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार सेमांगी थी फाइनेंशियल कमिटमेंट

डेवलपमेंट से जुड़े एक उच्च अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि जादवपुर विश्वविद्यालय ने शुरूआत में योजना के तहत 3,299 करोड़ रुपये के बजट के साथ एक प्रस्ताव पेश किया था। योजना में धन का प्रावधान केवल 1,000 करोड़ रुपये तक है और किसी भी कमी के मामले में कार्यान्वयन योजनाओं के लिए धन की निरंतरता बनाए रखने के लिए मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से अपने हिस्से के धन के लिए फाइनेंशियल कमिटमेंट मांगी थी।

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प्रस्ताव में संशोधन के बाद हुई जांच

अधकारी ने आगे बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार इस पर सहमत नहीं हुई और उसने प्रस्ताव में संशोधन करते हुए पहले इसे 1015 करोड़ रुपये किया और फिर इसके बाद फिर से संशोधन करके 606 करोड़ रुपये कर दिया, जिसमें से 25 प्रतिशत राशि विश्वविद्यालय को खुद से जनरेट करनी होगी। बजट आउटले में कमी को देखते हुए, प्रस्ताव को यूजीसी और ईईसी के पास भेजा गया, ताकि मामले कि नए सिरे से जांच हो सके। इसके बाद यूजीसी और ईईसी, दोनों ने शिक्षा मंत्रालय से विश्वविद्यालय को आईओई दर्जा पर विचार नहीं करने की सिफारिश की है। इस मुद्दे पर फिलहाल तीनों विश्वविद्यालयों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

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