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Anti Ragging Day: 12 अगस्त को मनाया जाएगा 'एंटी रैगिंग डे'; यूजीसी ने सभी संस्थानों को दिए ये निर्देश

Thu, 24 Jul 2025 08:41 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Anti Ragging Day 2025: यूजीसी ने 12 अगस्त को एंटी रैगिंग डे और 12 से 18 अगस्त तक एंटी रैगिंग वीक मनाने का फैसला लिया है। सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को प्रतियोगिताएं, सोशल मीडिया कैंपेन और जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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Anti Ragging Day: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 12 अगस्त को 'एंटी रैगिंग दिवस' और 12 से 18 अगस्त तक 'एंटी रैगिंग सप्ताह' मनाने की घोषणा की है। यूजीसी ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को इसे जागरूकता अभियान के रूप में मनाने के निर्देश दिए गए हैं।

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विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की समस्या पर काबू पाने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सख्त नियम बनाए हैं। ये नियम सभी संस्थानों पर लागू होते हैं और उनके लिए जरूरी है कि वे इनका सख्ती से पालन करें। 

जागरूकता गतिविधायों के जरिए छात्रों तक जानकारी पहुंचा रहा यूजीसी

यूजीसी इन नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए मॉनिटरिंग व्यवस्था के साथ-साथ मीडिया और जागरूकता गतिविधियों के जरिए एंटी-रैगिंग संदेश को छात्रों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

इसी दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए यूजीसी ने 2023 में यह निर्णय लिया कि हर साल 12 अगस्त को ‘एंटी रैगिंग डे’ मनाया जाएगा और इसके बाद 12 से 18 अगस्त तक ‘एंटी रैगिंग वीक’ मनाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य छात्रों में रैगिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

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शिक्षण संस्थानों को दिए ये निर्देश

यूजीसी ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से अनुरोध किया है कि वे एंटी रैगिंग डे/वीक के दौरान निम्नलिखित गतिविधियों का आयोजन करें:
  • उद्घाटन समारोह: एंटी रैगिंग डे/वीक की शुरुआत के लिए उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित करें।
  • प्रतियोगिताएं: निबंध लेखन, स्लोगन लेखन, पोस्टर मेकिंग, लोगो डिजाइनिंग, स्ट्रीट प्ले, फोटोग्राफी, क्विज, वाद-विवाद जैसी गतिविधियों का आयोजन करें। प्रतिभागियों को एंटी रैगिंग विषयों पर जागरूकता फैलाने के लिए पुरस्कार दिए जा सकते हैं।
  • सोशल मीडिया कैंपेन: संस्थान प्रमुख द्वारा दिए गए संदेश, वीडियो पोस्ट और सोशल मीडिया कैंपेन के माध्यम से एंटी रैगिंग संदेशों का प्रसार करें।
  • जागरूकता गतिविधियां: वर्कशॉप, सेमिनार, इंटरएक्टिव सत्र और कैंपस में सेल्फी कॉर्नर जैसे रचनात्मक तरीकों से छात्रों को जागरूक करें।
  • नेशनल कॉन्टेस्ट में भागीदारी: छात्रों को ‘नेशनल कॉन्टेस्ट 2025’ में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। यह प्रतियोगिता डिजिटल पोस्टर, रील्स और वीडियो पर आधारित है। इससे जुड़ी पूरी जानकारी antiragging.in पर उपलब्ध है।
  • वीडियोज/फिल्म्स का प्रदर्शन: यूजीसी की वेबसाइट antiragging.in पर उपलब्ध एंटी-रैगिंग शॉर्ट फिल्म्स और टीवीसी को छात्रों के लिए दिखाया जाए।
  • रीसर्च और कम्युनिकेशन: इस सलाह को सभी कॉलेजों और संस्थानों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे अपने स्तर पर इस आयोजन को सफलतापूर्वक मना सकें।

यूजीसी की इस पहल का उद्देश्य छात्रों को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और सहयोगी शैक्षणिक माहौल प्रदान करना है, जहां रैगिंग जैसी घटनाओं के लिए कोई स्थान न हो।
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