राज्यों के उच्च शिक्षा सचिव और कुलपतियों को भेजा पत्र
कला, विज्ञान, वाणिज्य, प्रबंधन, इंजीनियरिंग, औषधि, ललित कला, आतिथ्य, कारोबार, हस्तकला या शिल्प या किसी भी कोर्स में इन विषयों को शामिल किया जा सकेगा। इस संबंध में राज्यों के उच्च शिक्षा सचिव और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र लिखा गया है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 सिफारिशों के तहत ‘मूल्य प्रवाह-2.0 दिशा-निर्देश’ तैयार किए गए हैं। इसमें प्रासंगिक कार्यक्रमों के परिचालन, अनुपालन, निगरानी आदि की व्यवस्था करने का भी सुझाव दिया गया है।
नीति केंद्र से जुड़ेंगे सभी संस्थान
राष्ट्रीय मानव मूल्य और पेशेवर आचार नीति केंद्र देशभर में विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों की गतिविधियों के समन्वय का कार्य करेगा इसके अनुसार, प्रत्येक राज्य के किसी एक केंद्रीय विश्वविद्यालय में क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किया जाएगा। वहीं सभी उच्च शिक्षण संस्थानों संस्थागत स्तर पर मूल्य अधिकारी (वैल्यू ऑफिसर) मनोनीत किए जाएंगे और इनमें मूल्य-आधारित शिक्षा में प्रशिक्षित शिक्षकों की पर्याप्त भर्ती होगी।
साल में दो बार होगी कार्यशाला
इस नए नियम के तहत विभिन्न पक्षकारों के लिए मानवीय मूल्य और पेशेवर आचार-व्यवहार पर साल में कम से कम दो बार कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। छात्रों को उपयुक्त अंतराल पर वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, पोस्टर प्रतिस्पर्धाओं आदि के माध्यम से मानवीय मूल्यों और आचार-व्यवहार से जुड़े आयामों से रूबरू करवाया जाएगा।