फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

NTA: नए शिक्षा मंत्री से छात्रों की क्या हैं बड़ी उम्मीदें? इन मुद्दों पर है सबसे ज्यादा जोर; पढ़ें विस्तार से

Sun, 26 Jul 2026 11:14 AM IST
Shahin Praveen अमर उजाला, ब्यूरो

सार

Education Policy: देश के नए शिक्षा मंत्री से छात्रों को कई उम्मीदें हैं। छात्र चाहते हैं कि शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी बने, सरकारी स्कूलों को मजबूत किया जाए और उच्च शिक्षा सभी के लिए सस्ती व सुलभ हो।
विज्ञापन
Education Policy - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Education Policy: धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्रालय से हटने के बाद शनिवार को हुए CJP विरोध प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों ने कहा कि उन्हें नए शिक्षा मंत्री से काफी उम्मीदें हैं। छात्रों का मानना है कि नया नेतृत्व शिक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार कर सकता है।

विज्ञापन


प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कई मांगें रखीं, लेकिन तीन मुद्दे सबसे ज्यादा सामने आए। इनमें परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना तथा सरकारी स्कूलों और प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाना शामिल है। छात्रों का कहना है कि इन क्षेत्रों में सुधार से शिक्षा व्यवस्था बेहतर हो सकती है।

छात्रों की प्रमुख मांगें

  • धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्रालय से हटने के बाद छात्रों ने नए शिक्षा मंत्री से बदलाव की उम्मीद जताई।
  • शनिवार को CJP विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की।
  • छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता लाने की बात कही।
  • सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई।
  • सरकारी स्कूलों और प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
  • गाजियाबाद के राज यादव ने कहा कि सरकार को शिक्षा प्रणाली में बड़े और ठोस बदलाव करने चाहिए।

राज यादव पिछले लगभग एक महीने से चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं।
 
उन्होंने कहा, "मेरी मांग है कि नए मंत्री शिक्षा प्रणाली पर ध्यान दें। उन्हें पूरे सिस्टम में बदलाव लाने चाहिए, इसकी कमियों को दूर करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह ठीक से काम करे।"

छात्रों का मानना है कि मंत्री का बदलना तो बस शुरुआत है।

छात्रों ने रखीं शिक्षा सुधार से जुड़ी अहम मांगें

दिल्ली के लक्ष्मी नगर की रहने वाली सृष्टि ने कहा कि शिक्षा का बढ़ता खर्च कई छात्रों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए उन्हें काम भी करना पड़ता है। सृष्टि ने कहा कि जब पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं, तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान उन छात्रों को होता है जो मेहनत और ईमानदारी से तैयारी करते हैं।

सृष्टि ने नए शिक्षा मंत्री से शिक्षा को अधिक सस्ता और सभी के लिए सुलभ बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए और सरकारी स्कूलों में बच्चों के कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि छात्रों को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर मिल सकें।
विज्ञापन

छात्रों ने कहा- शिक्षा व्यवस्था में जमीनी स्तर पर हों बड़े बदलाव

राजस्थान के विक्रम चौधरी, जो कम से कम दो हफ्ते से विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं, ने मांग की कि सुधार प्राथमिक स्कूल स्तर से शुरू होने चाहिए।

उन्होंने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षा बजट में बढ़ोतरी और UPSC, NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाओं की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

चौधरी ने कहा, "इस देश में शिक्षा बहुत महंगी हो गई है। सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देने की ज़रूरत है।"

NEET की तैयारी कर रहे 11वीं कक्षा के छात्र शौर्य ने कहा कि प्रधान के इस्तीफे से उन्हें उम्मीद जगी है कि सब कुछ खत्म नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा, "मैं खुश हूं कि हमारी आवाज़ सुनी गई है। मुझे भरोसा है कि नए शिक्षा मंत्री पेपर लीक जैसी घटनाओं को दोबारा नहीं होने देंगे।" उत्तर प्रदेश के बागपत के रहने वाले गौरव तोमर, जो 20 जुलाई से इस विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा रहे हैं, ने प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाने, सरकारी स्कूलों में स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने और शिक्षा की बढ़ती लागत पर रोक लगाने की मांग की।

उन्होंने कहा, "शिक्षा कोई कारोबार नहीं है; यह हर बच्चे का अधिकार है और उन्हें यह मिलनी चाहिए।"

राजस्थान के जैसलमेर के रहने वाले श्रवण कुमार ने कहा कि छात्रों को बार-बार दोबारा परीक्षा देने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए और दूर-दराज के इलाकों में परीक्षा केंद्र आवंटित करने जैसी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें