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TN NEET Exemption: राज्यसभा में उठा तमिलनाडु को नीट में छूट का मामला, इधर राज्यपाल ने विधेयक को वापस लौटाया

Thu, 03 Feb 2022 07:58 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

तमिलनाडु को नीट परीक्षा से अलग करने के प्रस्ताव वाले विधेयक को राज्यपाल आरएन रवि ने गुरुवार को वापस कर दिया है। इस बिल में बताया गया है कि  नीट परीक्षा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के हितों के खिलाफ है।
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TN NEET Exemption - फोटो : ANI
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विस्तार
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राज्यसभा में आज तमिलनाडु को नीट से अलग करने की मांग को लेकर चर्चा हुई। एआईएडीएमके के सांसद एम थंबीदुरई ने राज्यसभा में कहा कि तमिलनाडु के सभी राजनीतिक दल राज्य को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) से अलग करने पर सहमत हैं। उन्होंने कहा कि इस मांग का कारण है कि नीट हमारे छात्रों विशेषकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के हित में नहीं है। इन छात्रों के पास में महंगी कोचिंग के लिए पैसे नहीं हैं।

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क्षेत्रीय भाषाओं का हो प्रचार
सांसद एम थंबीदुरई ने केंद्र सरकार से क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने और उन्हें राष्ट्रीय और आधिकारिक भाषा बनाने की भी मांग रखी। बता दें कि सरकार ने इस साल बजट में 200 शिक्षण चैनल शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। यह क्षेत्रीय भाषाओं में भी होंगे।  

विधेयक को राज्यपाल ने लौटाया
तमिलनाडु को नीट परीक्षा से अलग करने के प्रस्ताव वाले विधेयक को राज्यपाल आरएन रवि ने गुरुवार को वापस कर दिया है। इस बिल में बताया गया है कि  नीट परीक्षा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के हितों के खिलाफ है। राज्यपाल ने बिल के साथ ही राज्य सरकार की ओर से गठित की गई उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट को भी वापस कर दिया है। 
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राजभवन की ओर से जारी की गई सूचना में कहा गया है कि विधानसभा की ओर से भेजे गए विधेयक को माननीय राज्यपाल ने एक फरवरी, 2022 को विस्तृत कारण बताते हुए, सदन को इस पर एक बार फिर से विचार करने के लिए विधान सभा अध्यक्ष को वापस कर दिया है। सूचना में यह भी कहा गया है कि क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर एसोसिएशन बनाम भारतीय संघ (2020) में सामाजिक न्याय के परिपेक्ष्य में इस मामले की जांच की है और बरकरार रखा है। क्योंकि यह गरीब छात्रों के आर्थिक शोषण को रोकता है और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देता है।

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