Beyond The Bookish: किताबी शिक्षा तो सभी लेते हैं, लेकिन बदलते वैश्विक परिदृश्य में, विद्यार्थियों को किताबी कीड़ा बनने की बजाय परंपरागत शिक्षा से इतर अलग-अलग क्षेत्रों और संस्कृतियों का ज्ञान अर्जित करने के बारे में भी सोचना चाहिए। शिक्षा प्रणाली का कार्य ज्ञान के आलावा संस्कृति का संचार करना भी है। ऐसे में बहुसांस्कृतिक शिक्षा बेहद जरूरी हो जाती है। यह पाठ्यपुस्तकों से परे ऐसी शिक्षा है, जो आप अपने आसपास, सहपाठियों से और संस्थान में सीखते हैं। यह विविधता को अपनाने और सीखने के बारे में भी है। बहुसांस्कृतिक शिक्षा से आपको न सिर्फ ज्ञान बढ़ाने का मौका मिलता है, बल्कि आप आलोचनात्मक विचार कौशल और नई दुनिया से खुद को जोड़ने की क्षमता भी विकसित कर सकते हैं। कुछ ऐसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थान हैं, जो ऑनलाइन कोर्सेज, इंटर्नशिप और फेलोशिप आदि के माध्यम से बहुसांस्कृतिक शिक्षा की पेशकश करते हैं।
तौर-तरीके और संस्कृति
वर्तमान में इग्नू, दिल्ली विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, एएमयू, जेएनयू जैसे कई ऐसे संस्थान हैं, जहां अन्य देशों के छात्र-छात्राएं भी दाखिला लेते हैं। ऐसे विद्यार्थी आपके साथ एक ही कक्षा में बैठकर पढ़ाई भी करते हैं। हो सकता है आप किसी हिचकिचाहट के कारण उनसे बात करने में संकोच करते हों। बजाय इसके आपको डिबेट, प्रोजेक्ट, सेमिनार और प्रॉब्लम सॉल्विंग तकनीकों आदि के माध्यम से उनके तौर-तरीकों और संस्कृति को समझने का प्रयास करना चाहिए।
विदेश के संस्थानों का रुख
विदेश में हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड, ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज जैसे कई ऐसे संस्थान हैं, जो समय-समय ऑनलाइन कोर्सेज की पेशकश करते रहते हैं। भारत में भी आईआईटी, एनआईटी, डीयू, स्वयं पोर्टल जैसे कई प्लेटफॉर्म हैं, जो विदेश के संस्थानों से किसी कोर्स के जरिये जुड़ने का मौका देते हैं। इन कोर्सेज में शामिल होकर आप खुद को वैश्विक छात्रों से जोड़ सकेंगे। वहां के शिक्षकों से पढ़ने का अनुभव पा सकेंगे और कॅरिअर बनाने के लिए खुद को वहां की संस्कृति में ढाल सकेंगे।
वैश्विक नेटवर्किंग
वैश्विक नेटवर्किंग बनाने के लिए आपको ऐसे स्कूलों में दाखिला लेना चाहिए, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के छात्र पढ़ते हों। ऐसे में आपके लिए वैश्विक नेटवर्किंग बनाना आसान होगा। इसके इतर वैश्विक नेटवर्किंग के लिए विभिन्न देशों में इंटर्नशिप और फेलोशिप का रुख करना भी एक अच्छा विचार है। अंतरराष्ट्रीय इंटर्नशिप और फेलोशिप के माध्यम से आपको विभिन्न देशों में कामकाज करने के तौर-तरीके और उस विशेष देश की संस्कृति से जुड़ने का भी अवसर मिलेगा।
संचार कौशल
छात्रों को स्कूल व कॉलेज में संचार कौशल और सहयोग करने जैसे कौशल को विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए। कॉलेज स्तर पर आप अलग-अलग देश के छात्रों से जुड़कर अपनी किसी भी पसंदीदा भाषा को आसानी से सीख सकते हैं। इससे आपके अंदर किसी भी विषय पर गंभीरता से सोचने की कला विकसित होगी।