उत्तराखंड का नाम सुनते ही खूबसूरत वादियां, कल-कल बहती नदियों का चित्र हमारे आंखों के सामने उभरने लगता है। इसमें शक नहीं है कि देवभूमि उत्तराखंड स्वर्ग का ही एक दूसरा नाम है, लेकिन हर जगह की अपनी चुनौतियां हैं। पहाड़ी इलाकों में पानी, बिजली, रोड ये सब पहुंचाना आज भी काफी बड़ी चुनौती है। कुछ इसी प्रकार की परेशानियां हैं ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और पिथौरागढ़ में स्थित कुछ गांवों की। इनमें कुछ गांव घने जंगलों में हैं तो कुछ मुख्य सड़क से 70 किलोमीटर दूरदुर्गम स्थलों पर हैं। ऐसे में ग्रिडलाइन को इन गावों तक पहुंचाना संभव नहीं हो पाया है। यही कारण है कि इन जगहों पर आज भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो बिना बिजली के जीने को मजबूर हैं। उनके जीवन में आज भी अंधेरा है। इसी कठिन चुनौतीसे लड़ने का बीड़ा उठाया है
दि हंस फाउंडेशन ने।
दि हंस फाउंडेशन हरिद्वार, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर जिले के दूर-दराज वाले इलाकों में रहने वाले करीब 2000 परिवारों तक सौर ऊर्जा की मदद से बिजली पहुंचा रहा है। 150 वॉट की क्षमता वाला सोलर पैनल प्रत्येक परिवार को दि हंस फाउंडेशन के प्रयासों से उपलब्ध कराया गया है।
HANS FOUNDATION
इसके साथ ही पावर पैक समेत अन्य सामग्री और इंस्टॉलेशन भी दि हंस फाउंडेशन की मदद से कराया गया है। इसे इस्तेमाल करना भी बेहद आसान है।
सौर ऊर्जा से मिलने वाली बिजली के चलते बच्चे अब रात होने के बाद भी पढ़ सकते हैं। महिलाएं भी अब आराम से घर का काम कर पाती हैं। सुरक्षा की दृष्टि से भी अब कोई डर नहीं है। दि हंस फाउंडेशन के प्रयासों से इन लोगों के जीवन स्तर में काफीबदलाव आया है।