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TextBook Controversy: अंग्रेजी की किताब में पढ़ाई जा रही हिंसक मर्दानगी, बाल संरक्षण आयोग ने जताई आपत्ति

Wed, 23 Nov 2022 08:06 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

TextBook Controversy: दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) ने एनसीईआरटी (NCERT) की नौवीं कक्षा की अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तक के एक अध्याय पर आपत्ति जताई है। आयोग ने एनसीईआरटी को पुस्तक से अध्याय को हटाने या फिर उसमें संशोधन करने को कहा है।
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TextBook Controversy - फोटो : iStock
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विस्तार
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TextBook Controversy: दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) ने एनसीईआरटी (NCERT) की नौवीं कक्षा की अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तक के एक अध्याय पर आपत्ति जताई है। आयोग ने एनसीईआरटी को पुस्तक से अध्याय को हटाने या फिर उसमें संशोधन करने को कहा है। डीसीपीसीआर के प्रमुख अनुराग कुंडू ने दावा किया है कि एनसीईआरटी की पुस्तक का अध्याय घरों में मर्दों द्वारा की जाने वाली हिंसा का सामान्यीकरण करता है। साथ ही यह महिलाओं को रूढ़िवादी बताते हुए बच्चों को घरेलू हिंसा को स्वीकार करने की सीख देता है। कुंडू ने कहा कि 'द लिटिल गर्ल' नामक अध्याय में एक लड़की केजिया की कहानी बताई गई है, जो अपने पिता से डरती है और उसे लगातार इस बात की धमकी दी जाती है कि यह उसकी अभिव्यक्ति और आजादी को प्रभावित करेगा। 

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ट्वीट कर दी जानकारी

अनुराग कुंडू ने ट्वीट में लिखा, मैंने @ncert के निदेशक को नौवीं कक्षा की अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक के "द लिटिल गर्ल" शीर्षक वाले अध्याय तीन को हटाने की सलाह दी है, क्योंकि यह हिंसक मर्दानगी को सामान्य करता है, पितृसत्ता को कायम रखता है और परिवार में बुरे बर्ताव को बढ़ावा देता है। हालांकि, एनसीईआरटी की ओर से मामले कोई तत्काल प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई। डीसीपीसीआर के निदेशक ने कहा कि यह बच्चों को घर पर हिंसा को स्वीकार करना सिखाता है। यह सामग्री किसी भी तरह से लड़कियों को सशक्त नहीं करती है, और वास्तव में, गलत उदाहरण प्रदान करती है। कुंडू ने कहा कि पाठ्यपुस्तकें युवा दिमाग को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं क्योंकि वे बड़े होकर स्त्री द्वेष और हिंसा की धारणाओं को चुनौती देते हैं। 

इस कहानी पर हुआ है विवाद

कहानी के अनुसार, केजिया की दादी उसे अपने पिता के लिए एक उपहार तैयार करने के लिए कहती है क्योंकि उसका जन्मदिन आने वाला है। वह एक कुशन तैयार करती है, लेकिन इसे उन कागजों से भर देती है, जिनमें एक भाषण होता है, जिसे उसके पिता को एक कार्यक्रम में देना था। यह पता चलने पर पिता ने उसकी पिटाई की, लेकिन दादी ने उसे इस घटना को भूल जाने के लिए कहा। रात में, अपने पिता के पास सोते हुए, केजिया को महसूस करती है कि पिता उनके लिए बहुत कठिन मेहनत करते हैं, और यही कारण है कि उन्हें बार-बार गुस्सा आता है। केजिया घटना के बारे में भूल जाती है और पिता को माफ कर देती है।

 

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महिलाओं का रूढ़िवादी तरीके से बताया गया

डीसीपीसीआर के पैनल ने कहा कि उसने अध्याय पर जेंडर एक्सपर्ट से परामर्श किया और निष्कर्ष निकाला कि यह बहुत ही गलत है। इसमें कहा गया है कि केजिया की दादी और मां को रूढ़िवादी तरीके से दिखाया गया है। दोनों महिलाएं विनम्र हैं, जब पिता केजिया को मारता है या उस पर चिल्लाता है तो वे विरोध में खड़ी नहीं हो पाती हैं। मां को घर में दुर्व्यवहार और पितृसत्ता के एक समर्थक के रूप में दिखाया गया है..., दादी प्यार से उन्हें शांत करती हैं, लेकिन कभी पिता से उसका बचाव नहीं करती... उसकी दादी, एक बड़ी होने के नाते, अपने बेटे के सामने शक्तिहीन के रूप में दिखाई जाती है।  
 
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