सेवानिवृत्त संकाय सदस्यों के लिए फेलोशिप
इस फेलोशिप का उद्देश्य उन सेवानिवृत्त संकाय सदस्यों को अनुसंधान के अवसर प्रदान करना है, जो प्रोफेसर/ एसोसिएट प्रोफेसर के स्तर पर रहे हैं। इस फेलोशिप के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु 67 वर्ष तक हो सकती है और उन्होंने 10 पूर्णकालिक उम्मीदवारों के पीएचडी शोध प्रबंधों का सफलतापूर्वक पर्यवेक्षण किया होगा, जिनमें से तीन ने पिछले 10 वर्षों के दौरान अपनी डिग्री प्राप्त की है। आवेदक ने प्रधान अन्वेषक के रूप में राष्ट्रीय/ अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा वित्त पोषित कम से कम तीन प्रायोजित अनुसंधान परियोजनाओं को भी संभाला होना चाहिए। यह फेलोशिप 50,000 रुपये प्रति माह की होगी और 100 आवेदकों के लिए तीन साल के कार्यकाल के लिए उपलब्ध होगी। इसमें 50,000/- प्रति वर्ष का विशेष प्रावधान भी (Contingency) होगा।
सेवाकालीन संकाय सदस्यों के लिए रिसर्च ग्रांट
इस शोध अनुदान का उद्देश्य नियमित रूप से नियुक्त संकाय सदस्यों को अनुसंधान के अवसर प्रदान करना है। इस अनुदान के लिए आवेदक की आयु 50 वर्ष तक हो सकती है। आवेदक के पास आवेदन जमा करने की तिथि से विश्वविद्यालय/संस्थान में न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा शेष होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पीएचडी का सफलतापूर्वक पर्यवेक्षण किया होगा। पांच पूर्णकालिक उम्मीदवारों का शोध प्रबंध और राष्ट्रीय / अंतरराष्ट्रीय सरकार या निजी एजेंसियों द्वारा वित्त पोषित कम से कम दो प्रायोजित अनुसंधान परियोजनाओं को पूरा किया। अनुसंधान अनुदान 200 आवेदकों के लिए दो वर्ष के कार्यकाल के लिए उपलब्ध होगा। योजना के तहत सहायता राशि 10 लाख रुपये है।
नए फैकल्टी के लिए डॉ डीएस कोठारी रिसर्च ग्रांट
इस अनुदान से नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों को स्थायी पदों पर शोध के अवसर प्राप्त होंगे। पात्र उम्मीदवारों के पास पीएचडी न्यूनतम पांच शोध पत्रों के साथ डिग्री और आवेदक के पास पद पर दो साल से कम की सेवा होनी चाहिए। डॉ डीएस कोठारी रिसर्च ग्रांट 132 उम्मीदवारों के लिए दो साल की अवधि के लिए उपलब्ध है और योजना के तहत सहायता राशि 10 लाख रुपये है।
डॉ राधाकृष्णन यूजीसी पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप
यह पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप भारतीय विश्वविद्यालयों/संस्थानों में भाषाओं सहित विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी, मानविकी और सामाजिक विज्ञान में उन्नत अध्ययन और अनुसंधान करने का अवसर प्रदान करने के लिए शुरू की गई है। पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप 900 आवेदकों के लिए तीन साल के कार्यकाल के लिए उपलब्ध है। महिला उम्मीदवारों के लिए 30 फीसदी स्लॉट आरक्षित होंगे। इस योजना में फेलोशिप राशि 50,000/- रुपये की प्रति माह के साथ 50,000/- प्रति वर्ष का विशेष आकस्मिक प्रावधान भी (Contingency) होगा।
सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले फेलोशिप फॉर सिंगल गर्ल चाइल्ड
इस फेलोशिप का उद्देश्य सिंगल गर्ल चाइल्ड की शिक्षा को बढ़ावा देना और उन्हें शोध कार्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है जिससे पीएचडी डिग्री प्रदान की जा सके। फेलोशिप कार्यक्रम में स्लॉट की कोई निश्चित सीमा नहीं है। यह फेलोशिप कुल पांच साल के लिए लागू रहेगी।
उम्मीदवार के लिए पात्रता मानदंड
मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों/ कॉलेजों/ संस्थानों में किसी भी स्ट्रीम/ विषय में पीएचडी करने वाली परिवार की कोई भी अकेली लड़की, जो नियमित, पूर्णकालिक पीएचडी कार्यक्रमों में पंजीकृत है, वह इस फेलोशिप के लिए आवेदन कर सकती है। आवेदक महिला उम्मीदवार की आयु 40 वर्ष से कम (सामान्य श्रेणी में) और यदि आरक्षित श्रेणियों से आवेदन कर रहे हैं तो 45 वर्ष से कम होनी चाहिए।