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डिजिटल मार्केटिंग व सोशल मीडिया ला रहा है रोजगार के ढेरों अवसर

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रोजगार के अवसरों के लिए खुद को करें तैयार - फोटो : अमर उजाला
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भारत विश्व व्यापार और इंटरनेट की दृष्टि से अत्यधिक संभावनाओं वाला देश है। विश्व का सबसे युवा देश होने के नाते इंटरनेट का इस्तेमाल अन्य देशों की तुलना में भारत में लगातार बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभावों के कारण सोशल मीडिया मार्केटिंग आज के दौर में अपने व्यापार को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। कारोबार को बढ़ाने के लिए कम्पनियां तेजी से इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों का प्रयोग कर रही हैं। इस वजह से डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया मार्केटिंग के क्षेत्र में ढेरों नौकरियों की संभावनाएं बन रही हैं। एचआर विशेषज्ञों के अनुसार भारत ऑनलाइन विज्ञापन, सोशल मीडिया और वेबसाइट डिजाइन सहित कई अन्य सेवाओं के लिए डिजिटल आउटसोर्सिंग हब के रूप में तेजी से उभर रहा है।

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खुद को कैसे करें तैयार

चुनें सही संस्थान - फोटो : अमर उजाला
ई-कॉमर्स के तेजी से विस्तार के कारण भी डिजिटल मार्केटिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है। हालांकि नौकरियों की मांगों के अनुरूप योग्य व कुशल लोगों की उपलब्धता बहुत कम है। ऐसे में जरूरत है तो खुद को इस क्षेत्र के अनुसार तैयार करने की। इसके लिए आवश्यक है एक अच्छे संस्थान से शिक्षा ग्रहण करने की।

आजकल शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे फर्जीवाड़े से बच कर अच्छे शिक्षण संस्थान का चुनाव करना एक गंभीर विषय है। ऐसे में डिजिटल मार्केटिंग की पढ़ाई के लिए उन्हीं सस्थानों का चुनाव करना चाहिए, जो किसी भरोसेमंद मीडिया संस्थान से सम्बद्ध हों। डिजिटल माध्यम एक ऐस क्षेत्र है, जहां पर रोज नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए इसकी शिक्षा सिर्फ थ्योरी नहीं प्रैक्टिकल माध्यम में ही संभव है। इसलिए जो संस्था प्रैक्टिकल माध्यम से शिक्षा दे रही है, उसका चयन बहुत आवश्यक है।
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इस क्षेत्र में कैसे करें सही संस्थान का चुनाव

टैम्स - फोटो : अमर उजाला
डिजिटल मार्केटिंग के लिए ये जरूरी है कि आप ऐसे संस्थान को चुनें, जहां पर पढ़ाने वाले लोग इस क्षेत्र से संबंध रखते हैं। इसका एक कारण है कि इस क्षेत्र में तकनीकी और टूल्स लगातार बदल रहे हैं। गूगल, फेसबुक जैसे संस्थान लगातार अपने नियम कड़े करते जा रहे हैं। ऐसे में वो लोग जो इस क्षेत्र में काम करते हैं, वही छात्रों को ट्रेनिंग देगें तो सारे बदलते नियम कानून और टूल्स की सही जानकारी दे पाएंगे।

आम तौर पर कई संस्थानों में फैकल्टी वो होती है, जो कभी डिजिटल मार्केटिंग कर चुकी है, लेकिन अब नहीं करती है। नए कानून और टूल्स इस क्षेत्र में बहुत मायने रखते हैं, जिसे कई संस्थानों की फैकल्टी नहीं जानती, क्योंकि वो डिजिटल मार्केटिंग छोड़ चुके हैं।

डिजिटल मार्केटिंग का क्षेत्र नए अवसर तो पैदा कर ही रहा है। बस जरूरत है तो कुशल युवाओं की। तो नई ऊँचाइयाँ छूने के लिए, डिजिटल मार्केटिंग के गुरू बनकर हो जाइए तैयार। 

(Advertorial)
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