कुछ को छोड़कर पूरे देश में सरकारी स्कूलों की स्थिति दयनीय- केजरीवाल
इस मौक पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे देश में 27 करोड़ छात्र स्कूल जाते हैं, जिसमें से 18 करोड़ सरकारी स्कूलों में जाते हैं। हम जानते हैं कि कुछ को छोड़कर पूरे देश में सरकारी स्कूलों की स्थिति दयनीय है। हम चाहते हैं कि हमारा देश नंबर 1 देश बने। हम एक विकसित देश बनना चाहते हैं। लेकिन अगर हमारे 66% बच्चे सरकारी स्कूलों में अच्छी शिक्षा नहीं पा रहे हैं, तो देश कैसे आगे बढ़ सकता है? जब तक हम सरकारी स्कूलों में अच्छी शिक्षा देना शुरू नहीं करेंगे, विकसित देश बनने का सपना हमेशा दूर रहेगा।
इतने स्कूल है शामिल
तमिलनाडु सरकार की इस योजना में प्रारंभिक चरण में 26 उत्कृष्टता स्कूल और 15 मॉडल स्कूल शामिल हैं। इन एसओई और मॉडल स्कूलों के आधिकारिक तमिल नाम 'थगैसल पल्लीगल' और 'मथिरी पल्लीगल' हैं। राज्य के मुख्यमंत्री स्टालिन मुवलुर रामामिरथम अम्मायार स्मारक 'पुथुमाई पेन' (आधुनिक महिला) योजना का शुभारंभ करेंगे, जिसके तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली कक्षा 6-12 से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
द्रविड़ मॉडल पर आधारित है योजना
राज्य द्वारा संचालित स्कूलों की योजना में उन्नत बुनियादी ढांचा डीएमके शासन के "द्रविड़ मॉडल" के लिए पूरी तरह से उपयुक्त है, जिसमें महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय शामिल है। अप्रैल महीने में अरविंद केजरीवाल के साथ, स्टालिन ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों का दौरा किया था और संस्थानों में बुनियादी ढांचे की प्रशंसा की थी। उन्होंने तब कहा था कि उनकी सरकार तमिलनाडु में इसी तरह की शैक्षणिक सुविधाएं स्थापित करेगी। स्टालिन ने काम पूरा होने के बाद केजरीवाल को उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया था।
केजरीवाल को मिला एक और मौका
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को तमिलनाडु में इस योजना के आने के बाद देश में कहीं और भी उनके शिक्षा मॉडल को दिखाने का एक और अवसर मिला है। उनकी पार्टी आप को अपने इस दावे को मजबूत करने में मदद मिलेगी कि वह अब 'क्षेत्रीय' पार्टी नहीं है। राज्य में अभी आम आदमी पार्टी की मौजूदगी तो नहीं है लेकिन भविष्य में उसे इससे फायदा मिल सकता है।
2022-23 बजट में हुई थी घोषणा
2022-23 के बजट में, राज्य सरकार ने कहा था कि मूवलुर रामामिरथम अम्मैयार मेमोरियल मैरिज असिस्टेंस स्कीम को मूवलुर रामामिरथम अम्मैयार हायर एजुकेशन एश्योरेंस स्कीम के रूप में तब्दील किया जा रहा है। उच्च शिक्षा में सरकारी स्कूलों की छात्राओं का नामांकन अनुपात बहुत कम है और इसी पहलू को देखते हुए इस योजना में सुधार किया गया है।
योजना के तहत ये फायदे मिलेंगे
इस योजना के तहत, सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाली सभी छात्राओं को उनकी स्नातक डिग्री, डिप्लोमा और आईटीआई पाठ्यक्रमों के निर्बाध रूप से पूरा होने तक सीधे उनके बैंक खाते में 1,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा। छात्र अन्य छात्रवृत्तियों के अलावा इस सहायता के पात्र होंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से, लगभग 6,00,000 छात्राओं को हर साल संभावित रूप से लाभ मिल सकता है। इस नई योजना के लिए बजट में 698 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई थी।