तमिलनाडु सरकार बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को लेकर निर्णय जल्द ले सकती है। बताया जा रहा है कि सूबे की सरकार लंबित बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं पर दो दिनों में निर्णय ले सकती है। सीबीएसई और आईएससीई बोर्ड द्वारा बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द करने के बाद अब सूबे की सरकार भी बारहवीं कक्षा की लंबित परीक्षाओं पर जल्द ही अहम फैसला कर सकती है। दरअसल, सरकार स्कूलों, अभिभावकों और शिक्षकों से परामर्श के बाद कुछ दिनों में ही बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को लेकर अहम घोषणा कर सकती है।
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सूबे के शिक्षा मंत्री का कहना है कि सरकार बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने या रद्द करने को लेकर शिक्षाविदों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अभिभावकों के साथ परामर्श करेगी। एक-दो दिन में चर्चा होगी। जिसके आधार पर ही बारहवीं कक्षा की परीक्षा को लेकर निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि इससे पहले सूबे की सरकार दसवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द कर चुकी है। इसके साथ ही पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा ही अगली कक्षाओं में प्रमोट करने की भी घोषणा कर चुकी है। सरकार ने नौवीं एवं ग्यारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी बिना परीक्षा आंतरिक मूल्यांकन के जरिए पास करने की घोषणा की है।
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लेकिन, बारहवीं कक्षा की परीक्षा को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा बारहवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द करने की घोषणा के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि धीरे-धीरे सारे राज्य बोर्ड बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा को रद्द करने की घोषणा करेंगे। जिनमें हरियाणा बोर्ड पहले ही बारहवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द करने की घोषणा कर चुका है। इससे पहले तमिलनाडु बोर्ड की बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं का आयोजन 3 मई से लेकर 21 मई तक होना था, लेकिन कोरोना वायरस की वजह से इन परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया था। इस साल करीब 8 लाख विद्यार्थियों ने बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।