इससे पहले पारित किए गए विधेयक को राज्यपाल ने मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजने की जगह वापस लौटा दिया था। राज्यपाल ने बिल को छात्र हितों के खिलाफ बताकर वापस किया था। इसलिए, राज्य सरकार ने विधानसभा में फरवरी 2022 में बिल को दोबारा पास करवाया था। साथ ही राष्ट्रपति के पास मंजूरी हेतु भेजने के लिए दोबारा बिल राज्यपाल के पास भेजा गया था।
राज्यपाल ने संविधान का पालन किया : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष
तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष के अन्नामलाई ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्यपाल ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को नीट विरोधी बिल भेजा है, क्योंकि ऐसा करने के लिए वे नियमों से बाध्य हैं। राज्यपाल ने संविधान का पालन किया है। तमिलनाडु भाजपा प्रमुख ने दावा करते हुए कहा कि विधेयक को निश्चित तौर पर राष्ट्रपति द्वारा खारिज कर दिया जाएगा।
सीएम स्टालिन ने नीट को हत्यारी परीक्षा बताया
फरवरी 2022 में विधानसभा नीट विरोधी बिल को पुन: पेश करते हुए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने नीट को एक हत्यारी परीक्षा बताया था। उन्होंने कहा था कि मुझे उम्मीद है कि अब राष्ट्रपति की मंजूरी हेतु भेजने के लिए राज्यपाल बगैर देरी के इसको स्वीकार कर लेंगे। स्टालिन ने कहा था कि यह राज्यपाल का कर्तव्य है कि वह बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजें।