आरएन रवि का स्पष्ट बयान राजभवन में यूजी-2023 में शीर्ष एनईईटी स्कोरर्स के साथ बातचीत के दौरान आया, जब एक अभिभावक ने राज्यपाल से एनईईटी पर प्रतिबंध लगाने की मंजूरी मांगी।
तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने शनिवार को बताया कि वह राज्य सरकार के एनईईटी विरोधी विधेयक को कभी मंजूरी नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि नेशनल इंट्रेंस कम एलिजिबिलिटी टेस्ट के बिना उपलब्धियां भविष्य के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
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राज्यपाल ने कहा, 'मैं ही आखिरी व्यक्ति हूं जो इस विधेयक को मंजूरी दूंगा, लेकिन मैं ऐसा कभी नहीं करूंगा। मैं नहीं चाहता हूं कि मेरे बच्चे भी अक्षम रह जाए।' आरएन रवि का स्पष्ट बयान राजभवन में यूजी-2023 में शीर्ष एनईईटी स्कोरर्स के साथ बातचीत के दौरान आया, जब एक अभिभावक ने राज्यपाल से एनईईटी पर प्रतिबंध लगाने की मंजूरी मांगी।
आरएन रवि ने कहा, 'मैं स्पष्ट रूप से कह रहा हूं, मैं एनईईटी बिल को कभी मंजूरी नहीं दूंगा।' हालांकि, कॉनक्यूरेंट विषय का मामला होने के कारण इस विधेयक को फिलहाल राष्ट्रपति के पास भेजा गया है।
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उन्होंने कहा, 'जो भी सीबीएसई की किताब में दिया गया है, उससे ज्यादा की जरूरत नहीं है। मैंने देखा है बहुत सारे छात्र बिना कोचिंग सेंटर के ही परीक्षा पास कर जाते हैं। जिस किताब के बारे में वह बताते हैं, उसका एक स्तर है। यदि इस स्तर में गिरावट होती है तो बिना दोष दिए उसके स्तर को उठाने की कोशिश करनी चाहिए। सीबीएसई का स्तर बहुत अच्छा है और एनईईटी इससे बढ़कर नहीं है।'
राज्यपाल ने कहा कि यहां किसी भी तरह का कोई भ्रम नहीं रहना चाहिए, एनईईटी देश में बरकरार रहेगा। मैं अपने बच्चों को योग्य बनाना चहता हूं, उन्हें देश में सक्षम बनाना चाहता हूं।