सुयश अपनी स्ट्रेटजी के बारे में बताते हैं कि मैंने हमेशा रिवर्स स्ट्रेटजी अपनाकर ये तैयारी की। इसका मतलब शुरुआत ऐसे करें कि एग्जाम के एक दिन पहले आप क्या पढ़ रहे होंगे, एक हफ्ते पहले क्या, एक महीने पहले क्या और इसी तरह बाकी साल की भी योजना बनाएं। ऐसा करने से स्ट्रेस से भी बचा जा सकता है क्योंकि यूपीएससी में सबसे ज्यादा प्लानिंग अपने टाइम को लेकर करनी होती है।
क्या है आधे नंबर की कीमत -
आधे नंबर की तैयारी के बारे में उन्होंने बताया कि यूपीएससी में 7 पेपर होते हैं। हर पेपर में 20 सवाल होते हैं, अगर हर 20 में हम आधे नंबर ज्यादा लाने की कोशिश करें तो एक पेपर में दस और सात पेपर में 70 नंबर ला सकते हैं। इसलिए सुयश का लक्ष्य हमेशा से वही आधा नंबर रहा जो उन्हें औरों से अलग बनाता है। उनका मानना है कि यूपीएससी की तैयारी में सही किताबों का चयन और अपने सिलेबस के बारे में पूरी जानकारी भी एक अहम हिस्सा है। वे कहते हैं कि अगर गाइडेड स्टडी करें तो यूपीएससी को आसानी से क्लीयर किया जा सकता है। इसके लिए बहुत ज्यादा समय नहीं बल्कि स्मार्ट स्टडी ज्यादा मायने रखती है।