परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी बनाने की मांग
याचिका में परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है। इसमें कहा गया कि एसएससी लंबे समय तक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के जरिए परीक्षाएं कराता रहा और उस दौरान कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया।
लेकिन, विवाद तब खड़ा हुआ जब एसएससी ने चयन पोस्ट/फेज XIII परीक्षा, 2025 के आयोजन की जिम्मेदारी ‘Eduquity’ को दी। याचिका के अनुसार परीक्षा के पहले चरण में गंभीर अनियमितताएं हुईं, जिनमें खराब ढांचा और तकनीकी गड़बड़ियां शामिल थीं।
याचिका में यह भी कहा गया कि मंत्रालय को शिकायतों के बावजूद दूसरे चरण में भी ऐसी ही परेशानियां रहीं। अब सितंबर में होने वाले तीसरे चरण को देखते हुए उम्मीदवारों ने पिछला अनुभव और संभावित लापरवाही को आधार बनाकर सर्वोच्च न्यायालय से दिशा-निर्देश मांगे हैं।