फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एससी: स्कूलों में रैगिंग रोकने के लिए केंद्रीय कानून की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने पीआईएल पर सुनवाई से किया इनकार

Tue, 29 Sep 2026 02:48 PM IST
शाहीन परवीन पीटीआई, नई दिल्ली

सार

स्कूलों में रैगिंग रोकने के लिए केंद्रीय कानून और गाइडलाइंस की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को संबंधित प्राधिकरण के सामने अपनी बात रखने को कहा।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्कूलों और प्री-यूनिवर्सिटी संस्थानों में बुलीइंग और रैगिंग रोकने के लिए केंद्रीय कानून और एक जैसी गाइडलाइंस बनाने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

विज्ञापन


चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची व वी. मोहना की बेंच ने कहा कि PIL में उठाए गए मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही फैसला दे चुका है।
 

याचिका में केंद्र, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (CISCE) को पक्षकार बनाया गया था।

याचिका में कहा गया, "एक रिट, आदेश या निर्देश (मेंडेमस के रूप में) जारी किया जाए, जिसके तहत प्रतिवादी संख्या 1 और 2 (केंद्रीय मंत्रालयों) को स्कूलों/प्री-यूनिवर्सिटी शिक्षण संस्थानों में बुलीइंग/रैगिंग की समस्या से निपटने के लिए एक उचित केंद्रीय कानून बनाने और उसे लागू करने का निर्देश दिया जाए।"
विज्ञापन
विज्ञापन

PIL में केंद्रीय कानून और एक जैसी गाइडलाइंस की मांग

याचिका में प्रस्तावित केंद्रीय कानून के लिए अतिरिक्त गाइडलाइंस बनाने के निर्देश भी मांगे गए थे। इन गाइडलाइंस को स्कूलों और प्री-यूनिवर्सिटी संस्थानों द्वारा अनिवार्य रूप से लागू किया जाना था, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बुलीइंग और रैगिंग से जुड़ी शिकायतों पर प्रभावी ढंग से विचार किया जाए और उनका निपटारा हो।

याचिकाकर्ता ने पाठ्यक्रम में बुलीइंग और रैगिंग की बुराइयों से निपटने वाले एक विषय को अनिवार्य रूप से शामिल करने की मांग की। याचिका में यह सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश मांगा गया कि ऐसा विषय सभी केंद्रीय और राज्य शिक्षा बोर्डों द्वारा अपनाए जाने वाले पाठ्यक्रम का हिस्सा बने।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें