UPSC Success Story: एक हादसे ने क्रिकेट से किया दूर
मनोज जिला स्तर पर क्रिकेट खेल चुके हैं। उनका सपना रणजी में खेलने का था, लेकिन साल 2018 में एक हादसे की वजह से उन्हें अपना शौक यानी क्रिकेट छोड़ना पड़ गया। इसके बाद मनोज वापस पढ़ाई की तरफ मुड़ गए। इस सफर में उन्होंने कई सरकारी नौकरियों केी परीक्षा दी और सफल भी हुए, लेकिन उन्हें संतुष्टि नहीं मिली। यही वजह रही कि वह हर दिन बेहतर करने के लिए जुटे रहे।
UPSC Success Story: परिवार की जिम्मेदारी के बीच यूपीएससी की तैयारी
मनोज के पिता राजेंद्र महरिया का निधन हो चुका है। मनोज पर तीन बहन-भाइयों में सबसे बड़े होने के नाते उनकी पूरी जिम्मेदारी भी है। जिसे वह बखूबी निभा रहे हैं। इस सफलता के बाद मनोज के घर में खुशियों का माहौल है। उन्होंने अपने पिता का सपना पूरा किया है।
UPSC Success Story: बिना कोचिंग के पाई सफलता
मनोज ने कोरोनाकाल में हुए लॉकडाउन के दौरान सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी थी। मनोज के मुताबिक वह कोचिंग में पढ़ने में सहज नहीं थे, इसलिए उन्होंने खुद से ही पढ़ाई की और यूपीएससी में सफलता हासिल की। लेकिन उनका सपना आईएएस अधिकारी बनने का है। इसलिए वह फिर से पूरी मेहनत के साथ इस परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं।