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Success Story: जेईई मेन 2022 में स्नेहा पारीक को मिला दूसरा स्थान, पढ़ें उनकी सफलता की कहानी

Mon, 08 Aug 2022 11:43 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Success Story: एनटीए की ओर से जारी किए गए ओवरऑल परिणीाम में असम की स्नेहा पारीक को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। जेईई मेन जून सत्र की परीक्षा में स्नेहा को 100 पर्सेंटाइल यानी 300 में से 300 अंक प्राप्त हुए थे।
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Sneha Pareek - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी/NTA ने  JEE Mains सेशन-2 परीक्षा के परिणाम की घोषणा कर दी है। एनटीए ने परिणाम को आधी रात को जारी किया। बता दें कि जेईई मेन सत्र-2 परीक्षा के लिए 06  लाख से अधिक छात्रों ने अपना पंजीयन कराया था। जिन छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया था, वे अपने परिणाम और स्कोरकार्ड को अब आधिकारिक वेबसाइट  jeemain.nta.nic.in पर जाकर चेक और डाउनलोड कर सकते हैं। एनटीए ने सत्र दो परीक्षा का साथ ही जेईई के फाइनल परिणाम भी जारी कर दिए हैं। 

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स्नेहा पारीक को मिला रैंक-2
एनटीए की ओर से जारी किए गए ओवरऑल परिणाम में असम की स्नेहा पारीक को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। जेईई मेन जून सत्र की परीक्षा में स्नेहा को 100 पर्सेंटाइल यानी 300 में से 300 अंक प्राप्त हुए थे। कुल 24 छात्रों ने अंतिम परिणाम में 100 पर्सेंटाइल प्राप्त किए हैं। आइए जानते हैं स्नेहा के कामयाबी की कहानी।

कोटा से की है पढ़ाई
मूल रूप से असम की रहने वाली स्नेहा पारीक की चर्चा अब देश भर में हो रही है। स्नेहा ने अपनी पढ़ाई कोटा से की है। जेईई से पहले स्नेहा किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (KPVY) की स्कॉलर भी रह चुकी हैं। उन्होंने 10वीं कक्षा 95 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। इसका मतलब साफ है कि स्नेहा शुरू से ही पढ़ाई में काफी आगे रही हैं।

रोजाना 12 घंटे पढ़ाई
JEE Mains में 100 पर्सेंटाइल प्राप्त करने वाली स्नेहा पारीक ने बताया कि वह रोजाना 12 घंटे पढ़ाई करती थी। सुबह कोचिंग जाकर कोचिंग के बाद भी वह वहीं रुक कर पढ़ाई करती थी। इसका कारण उन्होंने वहां के अच्छे माहौल को बताया है, जिससे पढ़ाई में मदद मिलती है। स्नेहा ने बताया कि उनका फोकस अब जेईई एडवांस में सफल होने पर है।

प्रैक्टिस टेस्ट से मिली मदद
स्नेहा पारीक ने बताया कि उन्हें परीक्षा में सफल होने में प्रैक्टिस टेस्ट से काफी मदद मिली। उन्होंने बताया प्रैक्टिस टेस्ट का पैटर्न और डिफीकल्टी लेवल करीब-करीब जेईई मेन जैसा होता है। इसकी मदद से मेन के पेपर में परेशानी नहीं आई। उन्होंने बताया कि उनकी कोचिंग के टीचर भी काफी अनुभवी और सपोर्टिव हैं। 
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आईआईटी बॉम्बे से बीटेक का सपना
स्नेहा पारीक के पिता राजीव पारीक व्यवसायी हैं तथा मां सरिता पारीक गृहिणी हैं। स्नेहा ने बताया कि उन्हे कामयाब होने की प्रेरणा अपने माता-पिता से ही मिली। स्नेहा ने बताया कि वह आगे चलकर आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस ब्रांच में बीटेक करना चाहती हैं। 
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