दरअसल, अक्षरा सीतामढ़ी जिला के आवापुर की मूल निवासी हैं। अक्षरा के पिता रमेश शाह वर्तमान में दरभंगा शहर के राजकुमारगंज में रहते हैं। जो दरभंगा जिला के मध्य विद्यालय गौसा घाट में प्रधानाध्यापक हैं और माता विजेता देवी गृहिणी हैं। अक्षरा दो बहन एवं एक भाई हैं। छोटी बहन इस वर्ष मैट्रिक की है, जबकि भाई नौंवी कक्षा में पढ़ रहा है। अक्षरा ने 12वीं की परीक्षा में भी जिले में टॉप किया था।
NEET की परीक्षा में 610 अंक लेकर उसने पहले डॉक्टर बनने का मार्ग प्रशस्त कर लिया था। अब JEE मेंस की परीक्षा में गुवाहाटी जॉन में टॉप करने के बाद उसकी सोच बदल रही है। उसने कहा कि बेहतर है कि मैं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ही चली जाऊं।
वहीं सफलता मिलने के बाद मां श्यामा मंदिर पहुंची अक्षरा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह मेरे दो साल की मेहनत का फल है। रिजल्ट सुनकर मैं और मेरे परिवार के लोग काफी खुश हैं। यह दौड़ मेरे लिए काफी कठिन थी। इसमें रोज सुबह उठकर मुझे अपने उपर विश्वास रख कर सुबह से रात तक पढ़ना पड़ता था और बीच-बीच में ब्रेक लेकर फ्रेश भी होना पड़ता था। ताकि दिमाग शांत रहें। हर दिन मेरा यह मकसद रहता था कि जितना मैं मेहनत कर संकू, उतना मैं मेहनत करूं, ताकि मैं जब रात में सोने जाऊं ,तब यह लगे की मैंने पूरी पढ़ाई किया है।