सन 1920 और 1930 के समय में जब महिलाओं का बाहर निकलकर पढ़ना ही मुश्किल होता था उस समय आशिमा चटर्जी ने केमिस्ट्री जैसे विषय में महारत हासिल की। उस समय किसी भारतीय महिला का केमिस्ट्री पढ़ना किसी से शायद ही सुना हो। डॉ. आशिमा चटर्जी ने न केवल ऑरगैनिक केमिस्ट्री में अंडरग्रेजुएट की डिग्री प्राप्त की बल्कि साइंस में डॉक्टरेट की उपाधि पाने वाली पहली भारतीय महिला बनी।
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