विदेशों में शिक्षकों, नर्सों, चिकित्सा सहायक कर्मियों और देखभाल करने वालों की मांग ज्यादा है, इसलिए इन्हें हुनरमंद बनाने को मानव संसाधन और कौशल विकास मंत्रालय के साथ मिलकर ब्रिज कोर्स की शुरुआत की जाएगी। पीएम कौशल विकास योजना की शुरुआत 2015 में की गई थी। वहीं, स्टार्टअप इंडिया इनोवेटिव इन हायर एजुकेशन को इस बार सौ करोड़ मिले हैं। यह पिछले साल से 54 करोड़ रुपये अधिक है।
हर जिले में पीपीपी मॉडल पर बनेंगे मेडिकल कॉलेज
देशभर में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत मौजूदा हर जिला अस्पतालों से एक मेडिकल कॉलेज संबद्ध करने की योजना है। इसके लिए राज्यों को वित्तीय मदद दी जाएगी। साथ ही किफायती दरों पर जमीन भी मुहैया कराई जाएगी। बड़े मेडिकल काॅलेज में पीजी डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे।