यह स्टडी बेलफास्ट की क्वींस यूनिवर्सिटी और लंदन की गोल्डस्मिथ यूनिवर्सिटी द्वारा अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट के तहत की गई है। इस स्टडी में सत्र 2019-20 में प्रौद्योगिकी, विज्ञान, खेल और कला से संबंधित पाठ्यक्रम पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शिक्षकों द्वारा दिए गए अंक और उसी सत्र में अज्ञात शिक्षकों द्वारा दिए गए परिणामों की तुलना की गई थी। इसके साथ ही छात्रों के व्यक्तित्व और मनोवैज्ञानिक रिकॉर्ड की भी जांच की गई थी।
स्टडी में यह भी पाया गया है कि तनावग्रस्त, चिंतित या भावनात्मक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के प्रति शिक्षक ज्यादा उदार रहते हैं। वहीं नकारात्मक मानसिकता और असामाजिक विद्यार्थियों के प्रति उनका रवैया सख्त होता है। प्रो. कोवास कहती हैं कि हमारी स्टडी से यह निश्चित हो गया है कि शैक्षणिक उपलब्धि में व्यक्तित्व और व्यवहार का भी बड़ा योगदान रहता है।
क्वींस यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. कोस्टास पेपेजोर्गियो बताते हैं कि कई देशों में सत्र 2020-21 की वार्षिक परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर उनका अंतिम परिणाम तैयार किया जाएगा। ऐसे में पूरे शिक्षा तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों की शैक्षिक क्षमता व्यावहारिक सामर्थ्य और बाधाओं के बीच संबंध का पता लगाने वाली यह संभवत: पहली कोशिश है।