लोकतंत्र के मूल्यों को सीखने के लिए स्कूल आदर्श स्थान
उन्होंने कहा, "चूंकि स्कूल लोकतंत्र के मूल्यों को सीखने के लिए आदर्श स्थान हैं, इसलिए संशोधित पाठ्यपुस्तकों में विशेष रूप से राज्यपालों की संवैधानिक शक्तियों पर सामग्री शामिल होगी, ताकि छात्रों को इस मामले में शिक्षित किया जा सके।"
मंत्री ने कहा कि यह विषय इस वर्ष सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक के दूसरे खंड में दिखाई देगा और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की पुस्तकों में होने वाले आगामी परिवर्तनों का भी हिस्सा होगा।
गुरुवार को क्या हुआ था?
गुरुवार को राजभवन ने स्कूली छात्रों के लिए 'स्काउट और गाइड प्रमाणपत्र' वितरित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम से बाहर निकलने के लिए शिवनकुट्टी की कड़ी आलोचना की थी, जबकि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर मंच पर मौजूद थे। उन्होंने इसे प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन और राज्यपाल के संवैधानिक पद का गंभीर अपमान बताया।
मंत्री ने राज्यपाल पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया था कि आर्लेकर ने अपने आवास पर एक आधिकारिक समारोह को राजनीतिक कार्यक्रम में बदलकर संविधान का उल्लंघन किया है।
आधिकारिक समारोहों में भगवा वस्त्रधारी छवि के उपयोग को लेकर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार की बढ़ती आलोचना के बीच, राज्यपाल ने दृढ़ता से कहा है, "भारत माता को हटाने का कोई सवाल ही नहीं है, क्योंकि हम देशभक्ति और राष्ट्रीयता की भावना भारत माता से प्राप्त करते हैं।"