फ्रांसिस बेकन की सीख
समय-समय पर खुद की परीक्षा लेना सिर्फ यह जांचने के लिए नहीं होता है कि आप क्या जानते हैं, बल्कि यह पढ़ाई करने का भी एक दमदार तरीका है। 1620 में भी, दार्शनिक फ्रांसिस बेकन ने कहा था कि किसी पाठ को बीस बार पढ़ने के बजाय, उसे दस बार पढ़ना और बीच-बीच में उसे याद करने का अभ्यास करना बेहतर होता है। इस दौरान अगर आप कुछ भूल जाते हैं, तो उसे फिर से पढ़ें। इस तरीके से चीजों व तथ्यों को लंबे समय तक याद रखने में मदद मिलती है। कुछ पढ़ने या सौखने के तुरंत बाद उसका टेस्ट लेने से याददाश्त मजबूत होती है, भले ही आपने सिर्फ एक ही बार पढ़ा या सीखा हो।
नहीं भूलेंगे चीजें
कई बार आप अच्छी पढ़ाई करने के बाद भी परीक्षाओं में अच्छा नहीं कर पाते हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि आप मान लेते हैं कि अगर कोई चीज अभी आसानी से याद हो रही है, तो वह हमेशा याद ही रहेगी। इसी को 'फ्लुएंसी इल्यूजन या प्रवाह भ्रम' कहते हैं। इसी कारण आपको लगता है कि एक बार कोई विषय समझ लिया, तो उसे दोबारा पढ़ने की जरूरत नहीं है। इस सोच से बचें। बेशक, जब आप कुछ समय बाद उसी विषय या टॉपिक को फिर से पढ़ते हैं, तो यह थोड़ा उबाऊ लग सकता है, लेकिन इससे आपको अधिक प्रभावी ढंग से सीखने में मदद मिलती है। इसलिए, भले ही बार-बार पढ़ाई करना बोझिल और कम रुचिकर लगे, लेकिन यह चीजों को लंबे समय तक याद रखने में कारगर है।