- वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड लंदन के चेयरमैन डा. दिवाकर सुकुल ने किया प्रदान
- भारत गौरव सम्मान समिति के चेयरमैन डा. एचसी गनेशिया बने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि
- संस्कृति विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किए गए कुलाधिपति
संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सचिन गुप्ता को भारत में सोशल एक्टिविटीज, शिक्षा एवं मेडिकल हेल्थ के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सम्मान से नवाजा गया है। उन्हें यह सम्मान विश्वविद्यालय सभागार में प्रदान किया गया। यह सम्मान उन शख्सियतों को दिया जाता है, जिनके कार्यों को वैश्विक स्तर पर सराहा जाता है। विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन के चेयरमैन डॉक्टर दिवाकर सुकुल और भारत गौरव अवॉर्ड्स कमेटी के चेयरमैन डॉक्टर एचसी गनेशिया ने संस्कृति विश्वविद्यालय की बढ़ती ख्याति और प्रतिष्ठा
के चलते संस्थान में कुलाधिपति को यह सम्मानित दिया। इस अवसर पर डॉक्टर दिवाकर सुकुल ने कहा कि विश्व में किसी भी क्षेत्र में श्रेष्ठ रिकॉर्ड बनाने वाले लोगों को खोजना, उन्हें सूचीबद्ध करना, अन्य लोगों को पुराने रिकॉर्ड तोड़ने के लिए प्रेरित करना, उनके कल्याण के लिए काम करने जैसे अनेक कार्य संस्कृति विश्वविद्यालय कर रहा है। किसी क्षेत्र विशेष में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति या संस्था को भी वह सूचीबद्ध करने का कार्य करते हैं। भारत में स्वर्ण मंदिर, उद्धव ठाकरे, सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चेमिंलंग को 27 साल तक मुख्यमंत्री बने रहने पर इस रिकॉर्ड में सूचीबद्ध किया जा चुका है। ब्रज भूमि में संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सचिन गुप्ता समाज सेवा के शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में श्रेष्ठ कार्य कर रहे हैं। उन्हें यह सम्मान देकर वह खुद और उनका बोर्ड काफी हर्षित है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड बुक रिकॉर्ड्स की ख्याति अब गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की तरह होती जा रही है। भारत गौरव अवॉर्ड कमेटी के चेयरमैन एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉक्टर गनेशिया ने कहा देश- दुनिया में नाम कमाने वाले कामकाजी लोग इस सम्मान के हकदार होते हैं। इस तरह के लोगों को सम्मानित कर प्रगतिपथ बढ़ रहे लोगों को प्रोत्साहित करने का काम वर्ल्ड बुक रिकॉर्ड्स टीम सालों से करती आ रही है। कुलाधिपति ने सम्मान ग्रहण कर अतिथियों का आभार जताते हुए कहा कि वह तो सिर्फ सेवा के क्षेत्र में हैं। देश के लिए कुशल, सुसंस्कृत युवा तैयार कर राष्ट्र निर्माण ही उनका ध्येय है, ताकि हर क्षेत्र में श्रमजीवी लोगों की कमी न रहे। दिव्यांगों के लिए काम करने का संकल्प पूरे मनोयोग से साकार करना है। इसे वह पूरा करने के लिए सतत प्रयत्नशील रहेंगे। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। अतिथियों के स्वागत के बाद कुलपति डॉक्टर राणा सिंह और उप कुलपति डॉक्टर अभय कुमार ने अतिथियों का परिचय कराया। इस अवसर पर ओएसडी मीनाक्षी शर्मा, कार्यकारी निदेशक डॉक्टर पीसी छाबड़ा समेत सभी फेकल्टी मेबर्स मौजूद रहे।
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