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Ragging in ICFAI: बिजनेस स्कूल में रैगिंग पर एनएचआरसी सख्त, तेलंगाना सरकार, डीजीपी और यूजीसी को नोटिस

Tue, 15 Nov 2022 07:43 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Ragging in ICFAI Business School: हैदराबाद की आईसीएफएआई डीम्ड यूनिवर्सिटी के आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल (IBS) में सामने आए रैगिंग के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वत: संज्ञान लिया है।
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NHRC - फोटो : अमर उजाला - फाइल फोटो
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Ragging in ICFAI Business School: हैदराबाद की आईसीएफएआई डीम्ड यूनिवर्सिटी के आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल (IBS) में सामने आए रैगिंग के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वत: संज्ञान लिया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मंगलवार को कहा कि यह घटना मानवाधिकारों का उल्लंघन है, जो कि सरासर लापरवाही, निगरानी की कमी और अपने परिसर में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कॉलेज प्रशासन की विफलता के कारण हुई है। आयोग ने इसे लेकर तेलंगाना के शिक्षा विभाग, राज्य पुलिस, तेलंगाना सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को नोटिस जारी किया है।

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रिपोर्ट तलब : सबकी जवाबदेही तय हो

हैदराबाद के ICFAI बिजनेस स्कूल (आईबीएस) के आठ छात्रों को रैगिंग और एक छात्र की पिटाई के मामले में गिरफ्तार किया गया था। मामले में वीडियो वायरल होने के बाद घटना ने सांप्रदायिक रंग ले लिया था। एनएचआरसी ने इस घटना में की गई कार्रवाई और यूजीसी के नियमों के अनुसार रैगिंग को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाने में संस्थान की प्रथम दृष्टया विफलता के कारणों के बारे में छह सप्ताह के भीतर तेलंगाना के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। वहीं तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक से आरोपियों और कॉलेज के कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी भी मांगी है। बयान में कहा गया कि उन्हें यह बताने के लिए भी कहा गया है कि क्या कॉलेज ने पीड़ित को निलंबित किया है और यदि हां, तो किन परिस्थितियों में?

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सवाल : 2009 के कानून के बावजूद सुधार क्यों नहीं?

एनएचआरसी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि 2009 में उच्च शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के खतरे को रोकने के लिए यूजीसी के नियमन के बावजूद कुछ भी सुधार नहीं हुआ है। यह देखा गया कि घटना को रोका जा सकता था यदि रैगिंग के शुरुआती संकेतों की पहचान करने और औचक निरीक्षण करने के लिए छात्रों की नियमित बातचीत और परामर्श जैसे उपायों को लागू किया जाता। रैगिंग पर अंकुश लगाने के उपाय पर राघवन समिति की सिफारिशों के प्रभावी कार्यान्वयन के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी सचिव को भी नोटिस भेजा गया है।
 
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