भारतीय शहरों की रैंकिंग में हुआ सुधार
मुंबई 15 स्थान ऊपर चढ़कर 98वें स्थान पर पहुंच गया, दिल्ली सात स्थान ऊपर चढ़कर 104वें स्थान पर पहुंच गया, जबकि बैंगलोर 22 स्थान ऊपर चढ़कर 108वें स्थान पर पहुंच गया। चेन्नई की रैंकिंग में भी सुधार हुआ और वह 12 स्थान ऊपर चढ़कर 128वें स्थान पर पहुंच गया।
पिछले वर्ष की तुलना में कैसा रहा प्रदर्शन?
भारत के सर्वश्रेष्ठ छात्र शहरों की रैंकिंग की तुलना पिछले वर्ष की रैंकिंग से इस प्रकार है:
| शहर |
2025 रैंक |
2026 रैंक |
| मुंबई |
131 |
98 |
| दिल्ली |
117 |
104 |
| बैंगलोर |
130 |
108 |
| चेन्नई |
140 |
128 |
क्यूएस की सीईओ जेसिका टर्नर ने कहा: "2026 क्यूएस सर्वश्रेष्ठ छात्र शहरों की रैंकिंग में भारत की बढ़ती उपस्थिति एक सांख्यिकीय उछाल से कहीं अधिक है - यह देश के उच्च शिक्षा परिदृश्य में एक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है। जैसे-जैसे हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की पांचवीं वर्षगांठ के करीब पहुंच रहे हैं, वैश्विक जुड़ाव, गुणवत्ता वृद्धि और छात्र-केंद्रित शिक्षा पर इसका ध्यान अंतर्राष्ट्रीय मंच पर फल देने लगा है।"
नौकरी मिलने की संभावना दुनिया के इन शहरों में ज्यादा
नियोक्ता गतिविधि श्रेणी में पहले और दूसरे स्थान पर चीन के तियानजिन और चेंगदू शहर रहे। तीसरे स्थान पर तुर्किए का इजमिर शहर रहा। मुंबई और बैंगलोर इस सूची में शीर्ष 50 में शामिल हुए।
नियोक्ता गतिविधि श्रेणी (Employer Activity) श्रेणी में दिल्ली और मुंबई दोनों शीर्ष 50 में पहुंच गए, जिससे स्नातकों के लिए रोजगार की मजबूत संभावनाएं उजागर हुईं। इस क्षेत्र में बैंगलोर ने सबसे तेज छलांग लगाई और 41 स्थान ऊपर चढ़कर 59वें स्थान पर पहुंच गया, जबकि चेन्नई 29 स्थान ऊपर चढ़कर प्रभावशाली रहा।
दक्षिण कोरिया का सियोल शहर सर्वोत्तम
इस वर्ष की छात्र शहर रैंकिंग में दक्षिण कोरिया के सियोल शहर ने लंदन को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर जापान की राजधानी टोक्यो है और तीसरे स्थान पर यूके का लंदन शहर है। छात्रों के लिए दुनिया के टॉप-10 शहरों की सूची इस प्रकार है:
| रैंक |
शहर का नाम |
देश का नाम |
| 1 |
सियोल |
दक्षिण कोरिया |
| 2 |
टोक्यो |
जापान |
| 3 |
लंदन |
यूनाइटेड किंगडम |
| 4 |
म्यूनिख |
जर्मनी |
| 5 |
मेलबर्न |
ऑस्ट्रेलिया |
| 6 |
सिडनी |
ऑस्ट्रेलिया |
| 7 |
बर्लिन |
जर्मनी |
| 8 |
पेरिस |
फ्रांस |
| 9 |
ज्यूरिक |
स्विट्जरलैंड |
| 10 |
वियना |
ऑस्ट्रिया |
सामर्थ्य श्रेणी के तहत इंग्लैंड की राजधानी लंदन में भारी गिरावट देखी गई। विश्वविद्यालयों को वांछनीयता, सामर्थ्य, छात्र मिश्रण, नियोक्ता गतिविधि, विश्वविद्यालय रैंकिंग और छात्र आवाज़ सहित विभिन्न मापदंडों के आधार पर रैंकिंग दी गई है।