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Presidential Election 2022: 29 हजार मजदूर और 17 साल के समय में बना राष्ट्रपति भवन, जानें इसकी खूबियां

Mon, 18 Jul 2022 03:56 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

राष्ट्रपति भवन का निर्माण वास्तुकार एडविन लैंडसीयर लुटियंस ने किया था। चार मंजिले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति ऑफिस, अतिथि कक्ष, कर्मचारी कक्ष समेत कुल 340 कमरे हैं।
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President House - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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आज 18 जुलाई, 2022 को देश में राष्ट्रपति चुनाव का आयोजन हो रहा है। एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू और विपक्ष की ओर से यशवंत सिन्हा चुनाव मैदान में हैं। हालांकि, हम इस खबर में आपको चुनाव का अपडेट देने नहीं आए हैं। हम लेकर आए हैं आपके लिए उस आलीशान भवन की जानकारी जहां इन दोनों में से किसी एक को रहने का मौका मिलेगा। जी हां, हम बात कर रहे हैं रायसीना हिल्स स्थित राष्ट्रपति भवन की। देश की कुछ सबसे बेहतरीन इमारतों में एक राष्ट्रपति भवन में कई अनोखी और जानने लायक बातें हैं। आइए जानते हैं-: 
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17 वर्षों में तैयार हुआ भवन
राष्ट्रपति भवन को प्रेसिडेंसल पैलेस के नाम से भी जाना जाता है। इस भवन को बनाने में करीब 17 सालों का समय लगा था। इसका निर्माण वर्ष 1912 से शुरू होकर 1929 में समाप्त हुआ था। अनुमान के मुताबिक भवन को बनाने में करीब 29 हजार लोगों ने काम किया था। बता दें कि भारत का राष्ट्रपति भवन दुनिया के कुछ सबसे बड़े सरकारी भवनों में से एक है। 

भवन के अंदर 300 से अधिक कमरे
राष्ट्रपति भवन का निर्माण वास्तुकार एडविन लैंडसीयर लुटियंस ने किया था। चार मंजिले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति ऑफिस, अतिथि कक्ष, कर्मचारी कक्ष समेत कुल 340 कमरे हैं। यह एक चार मंजिला इमारत है। इसके अलावा दरबार हॉल, ड्राइंग रूम आदि भी है। नॉर्थ ड्राइंग रूम में राष्ट्रपति दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात करते हैं। वहीं, बैंक्विट हॉल में पूर्व राष्ट्रपतियों की तस्वीरें लगी हैं।

भवन के अंदर कई अन्य खूबियां
राष्ट्रपति भवन का मुख्य गुंबद सांची के बौद्ध स्तूप के समान है। यह राष्ट्रपति भवन को और अधिक आकर्षक बनाता है। भवन की एक खूबी यह भी है कि राष्ट्रपति की कुर्सी के ठीक सीधे में राजपथ के उस पार इंडिया गेट है। इसे इसी तरह डिजाइन किया गया है। भवन के खंभों पर घंटियों की डिजाइन बनी है। वहीं, भवन के मार्बल हॉल में किंग जॉर्ज पंचम और महारानी मेरी की प्रतिमाएं रखी गई हैं। इसके अलावा बेहतरीन किस्म की चित्रकारी भी की गई है।
 

भगवान बुद्ध की मूर्ति 
राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में भगवान बुद्ध की आशीर्वाद की मुद्रा की मूर्ति लगी है। यह चौथी-पांचवी सदी में गुप्त काल के दौर की कारीगरी का नायाब नमूना है। 
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मुगल गार्डन है आकर्षण का केंद्र
राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल गार्डन पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र है। यहां पर ब्रिटिश और मुगल दोनों के उद्यानों की झलक मिलती है। इसे बनाने के लिए एडविन लुटियंस ने पहले देश-दुनिया के उद्यानों का अध्ययन किया था। इस उद्यान में पौधारोपण में करीब एक साल का वक्त लगा था। 
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