उन्होंने पुरस्कार विजेताओं को छोटी समस्याओं को हल करके शुरू करने, धीरे-धीरे क्षमता निर्माण, क्षमता बढ़ाने और बड़ी समस्याओं को हल करने के लिए आत्मविश्वास विकसित करने का सुझाव दिया। मानसिक स्वास्थ्य और बच्चों के सामने आने वाली समस्याओं के मुद्दे पर चर्चा करते हुए, प्रधान मंत्री ने इस मुद्दे के कलंक से निपटने और ऐसे मामलों से निपटने में परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बात की।
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कई अन्य विषयों को भी उठाया गया, जिसमें शतरंज खेलने के लाभ, कला और संस्कृति को करिअर के रूप में लेना, अनुसंधान और नवाचार, आध्यात्मिकता आदि शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने सभी पुरस्कार विजेताओं को स्मृति चिन्ह भी भेंट किए और एक-एक करके उनकी उपलब्धियों पर चर्चा की, जिसके बाद पूरे समूह के साथ बातचीत की गई। इस दौरान बच्चों ने प्रधानमंत्री से उनके सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में कई सवाल पूछे और विभिन्न विषयों पर पीएम से मार्गदर्शन भी मांगा।
संवाद के दौरान परिचय के क्रम में पश्चिम बंगाल की छात्रा सुप्रिया ने जब अपना नाम बताते हुए कहा कि मैं विश्व भारतीय विश्वविद्यालय की छात्रा हूं, जिनके कुलपति आप हैं तो पीएम ने छात्रा को बीच में ही टोका। उन्होंने कहा कि यह तो तुम मुझे सुबह ही बता चुकी हो। दरअसल, इससे पहले छात्रा की एक अन्य बड़े समूह के साथ पीएम से मुलाकात हुई थी। तब चंद सेकंड के संवाद में छात्रा ने इसी प्रकार अपना परिचय दिया था। छात्रा को टोकने के बाद पीएम ने खुद इसका राज बताते हुए युवाओं को याददाश्त मजबूत करने और व्यक्तित्व को निखारने का मंत्र दिया। पीएम ने कहा, जिनसे मिलिए उनसे साधारण या चलताऊ अंदाज की जगह गंभीरता से मिलिए।
आगे बढ़ना है तो शुरुआत छोटी समस्याओं से करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित 11 बच्चों से अपने आवास पर बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। बच्चों ने उनसे कई विषयों पर प्रश्न पूछे और आने वाली चुनौतियों पर मार्गदर्शन मांगा। पीएम मोदी ने उन्हें सुझाव दिया कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए छोटी समस्याओं को हल करके शुरुआत करें। धीरे-धीरे क्षमता का निर्माण करें। इससे बड़ी समस्याएं हल करने का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
इस साल राष्ट्रपति ने सोमवार, 23 जनवरी को नवाचार, समाज सेवा, शैक्षिक, खेल, कला और संस्कृति और बहादुरी जैसी छह श्रेणियों में असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले 11 बच्चों को 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' से नवाजा था। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार और एक प्रमाण पत्र दिया जाता है।
पुरस्कार पाने वालों में छह लड़के और पांच लड़कियां शामिल हैं - आदित्य सुरेश, एम गौरवी रेड्डी, श्रेया भट्टाचार्जी, संभब मिश्रा, रोहन रामचंद्र बहिर, आदित्य प्रताप सिंह चौहान, ऋषि शिव प्रसन्ना, अनुष्का जॉली, हनाया निसार, कोलागाटला अलाना मीनाक्षी और शौर्यजीत रंजीतकुमार खैरे आदि।