पीएम ना होते तो कौन सा डिपार्टमेंट चुनते?
उन्होंने परीक्षा में चर्चा कार्यक्रम में छात्रों को बताया कि एक बार उनसे पूछा गया था कि अगर वो पीएम नहीं होते और मंत्री होते तो कौनसा डिपार्टमेंट चुनते?' इसपर उन्होंने कहा कि मैं स्किल डिपार्टमेंट चुनता क्योंकि कौशल बेहद जरूरी है। माता-पिता को भी बच्चों की स्किल पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा, "कौशल का विकास केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, यह समाज में सार्थक योगदान देने के लिए व्यक्तियों को सशक्त बनाने के बारे में है।
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सरकार की पहलों के बारे में बताया
उन्होंने स्किल इंडिया मिशन और आत्मनिर्भर भारत के तहत सरकार की पहलों का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि पारंपरिक शिक्षा आवश्यक है, लेकिन आज की जॉब मार्केट में प्रैक्टिकल स्किल नॉलेज बहुत महत्व रखते हैं। उन्होंने छात्रों से भविष्य की उद्योगों की मांगों के अनुरूप स्किल हासिल करने पर फोकस करने को कहा। उन्होंने कहा, 'अगर हमारे युवा सही कौशल से लैस हैं, तो वे न केवल बेहतर करियर हासिल करेंगे, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की तरक्की को भी आगे बढ़ाएंगे।'