वहीं, बैठक को अनुमति देने से इनकार करने को लेकर विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि इसके कई विभिन्न कारण हैं। विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने पिछले साल परिसर में किसी भी राजनीतिक गतिविधि की अनुमति नहीं देने का प्रस्ताव पारित किया था। विश्वविद्यालय के अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा, कुछ कर्मचारी संघों के चुनाव निर्धारित किए गए हैं तो वहीं, कुछ पाठ्यक्रमों के लिए परीक्षाएं चल रही थीं और छात्रों का एक वर्ग राज्य सरकार द्वारा हाल ही में घोषित भर्ती परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहा है।
बता दें कि कांग्रेस पार्टी सात मई को राहुल गांधी का छात्रों के साथ एक संवाद सत्र आयोजित करने की तैयारी में थी, जिसके लिए विश्वविद्यालय ने स्वीकृति नहीं दी। कांग्रेस नेता को विश्वविद्यालय की अनुमति से इनकार करने के बाद, पार्टी के छात्र विंग एनएसयूआई ने रविवार को हैदराबाद में विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान कम से कम 18 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया।
तेलंगाना कांग्रेस के अध्यक्ष और सांसद ए रेवंत रेड्डी ने कहा कि राहुल गांधी ने सात मई को गिरफ्तार किए गए एनएसयूआई नेताओं से मिलने की योजना बनाई है और छात्रों के सामने आने वाले मुद्दों पर उनसे बात करने के लिए यहां चंचलगुडा जेल जाएंगे। रेड्डी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों पर राहुल गांधी की बैठक की अनुमति देने से इनकार करने का दबाव डाला है। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रेड्डी ने जेल में एनएसयूआई नेताओं से मुलाकात भी की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जेल अधीक्षक को एक पत्र सौंपा गया है, जिसमें राहुल गांधी को गिरफ्तार किए गए एनएसयूआई नेताओं से मिलने की अनुमति मांगी गई है। राहुल गांधी के छात्रों से मिलने के प्रस्ताव के बारे में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों और विश्वविद्यालय दोनों की बेहतरी के लिए और संसद में ऐसे मुद्दों को उठाने के लिए राहुल गांधी बैठक करना चाहते हैं। बैठक छात्रों की चिंताओं और अन्य प्रासंगिक मुद्दों को समझने के लिए रखी जा रही थी।