आईआईटी में इस साल बीटेक दाखिले के लिए काउंसलिंग के सिर्फ छह चरण होंगे। एनआईटी, आईआईआईटी समेत अन्य केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में यदि छह चरण की काउंसलिंग के बाद सीटें खाली रह जाती हैं, तो फिर उन्हें भरने के लिए दो अतिरिक्त चरण कराए जाएंगे।
23 आईआईटी, 32 एनआईटी, 26 आईआईआईटी और 33 अन्य केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में स्नातक दाखिले के लिए 54,447 सीट हैं। देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में छात्राओं को आगे बढ़ाने के लिए इन कुल सीट में सुपर न्यूमेरी सीट भी शामिल हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस साल एनआईटी राउरकेला को ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (जोशा) की जिम्मेदारी सौंपी है। विभिन्न स्नातक प्रोग्राम में केंद्रीयकृत सीट आवंटन प्रक्रिया के लिए जोशा में ऑनलाइन काउंसलिंग में पंजीकरण विंडो खोल दी गई है।
एनआईटी राउरकेला प्रबंधन को उम्मीद है कि जोशा काउंसलिंग में 2.2 लाख आवेदकों से अधिक विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। इस साल भी 12वीं में 75 पर्सेंट अंकों या 12वीं की परीक्षा में शीर्ष 20 पर्सेंटाइल की पात्रता आवश्यकता में दी गई छूट जारी रहेगी। पहले चरण की काउंसलिंग 23 सितंबर को होगी, जबकि 16 अक्तूबर को छठे और अंतिम चरण की काउंसलिंग होगी।
पहली बार अंग्रेजी के साथ ही स्थानीय भाषाओं में भी होगी काउंसलिंग
आईआईटी, एनआईटी समेत अन्य केंद्रीय संस्थानों में दाखिले के लिए होने वाली काउंसलिंग इस बार अंग्रेजी के साथ ही स्थानीय भाषाओं में भी होगी। यह पहली बार होगा।
एनआईटी राउरकेला के प्रोफेसर और स्थानीय आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्रों की दिक्कतों को देखते हुए इस बार काउंसलिंग में भारतीय भाषाओं को शामिल किया गया है। अभी तक अंग्रेजी में ही छात्र अपनी बात रख सकते थे। हालांकि अब छात्र अंग्रेजी, हिंदी के अलावा ओड़िया, बांग्ला, तमिल, तेलगू, मलयालम, कन्नड़, मराठी भाषा में भी काउंसलिंग करा सकेंगे।