फिशरी पॉइंट की घटना से जुड़ी सख्ती
चौंकाने वाली बात यह है कि इन छात्रों में से छह चौथे वर्ष की छात्राएं भी शामिल हैं जिन्होंने विश्वविद्यालय के निषेधाज्ञा आदेश का उल्लंघन किया और बुरला स्थित हिराकुंड जलाशय के फिशरी पॉइंट गई थीं। इसी स्थान पर इस महीने की शुरुआत में एक छात्रा की डूबकर मौत हो गई थी। यह कड़ा फैसला विश्वविद्यालय ने उस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद लिया है, जिसमें 12 अप्रैल को फाइनल ईयर की छात्रा सस्वती भोई की फिशरी पॉइंट पर डूबने से मौत हो गई थी। वह अपने दोस्त को बचाने की कोशिश कर रही थी, जब यह हादसा हुआ। इन छात्राओं को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है और 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
लगभग 24 छात्रों को किसी भी छात्र संघ, स्पोर्ट्स टीम कैप्टनशिप, अथवा विश्वविद्यालय की ओर से मिलने वाले पुरस्कारों और प्रमाणपत्रों से वंचित कर दिया गया है। उन्हें भविष्य में किसी भी छात्र नेतृत्व भूमिका या प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
85 छात्रों को देना होगा अफिडेविट
इनमें से 85 छात्रों को एक हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया गया है, जिसमें वे और उनके माता-पिता यह लिखित रूप में वादा करेंगे कि वे आगे किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता में शामिल नहीं होंगे। अगर वे दोबारा दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें निष्कासित किया जा सकता है।