केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि ओडिशा में हॉकी का इतिहास और तटीय राज्य में दो बार हॉकी विश्व कप की मेजबानी की उपलब्धि एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों में शामिल की जाएगी। सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधान ने सुझाव दिया कि ओडिशा में 13 से 29 जनवरी तक होने वाले पुरुषों के हॉकी विश्व कप के माध्यम से ओडिशा की कला, विरासत और परंपरा को बड़े स्तर पर प्रचारित किया जाना चाहिए।
हॉकी विश्व कप के टूर्नामेंट दो स्थानों - भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम और राउरकेला के बिरसा मुंडा स्टेडियम में खेले जाएंगे। मंत्री ने हॉकी विश्व कप के लिए देश के सभी स्कूलों और कॉलेजों को आमंत्रित करने के राज्य सरकार के फैसले की भी सराहना की। प्रधान ने गुरुवार को कहा कि हमें यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए कि 2036 तक ओडिशा से 100 से अधिक ओलंपियन उभर कर सामने आएं, जब राज्य अपना 100वां स्थापना दिवस मनाएगा।
उन्होंने कहा कि इस बार ओडिशा के सात खिलाड़ी ओलिंपिक में खेलने गए थे। प्रधान ने कहा कि 2036 में जब राज्य अपना 100वां स्थापना दिवस मनाएगा, तो इस बात की संभावना है कि उस साल भारत में ओलंपिक का आयोजन किया जाएगा। यह पुरुष हॉकी विश्व कप का 15वां संस्करण होगा। हॉकी इंडिया दूसरी बार मेगा टूर्नामेंट की मेजबानी करता है, पहली बार 2018 में, जिसे बेल्जियम ने जीता था।