SPPU द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार, विवादास्पद गाने की शूटिंग मुख्य भवन और अन्य हॉल के परिसर में की गई थी। वीडियो के अनुसार, विश्वविद्यालय के मुख्य भवन और सभागार के सामने शराब की बोतल, तलवार और पिस्टल लेकर कुछ युवकों ने रैप सॉन्ग शूट किया था। विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा शिकायत दर्ज करने के बाद पुलिस ने संदिग्ध युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
इस बीच, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (SPPU) ने अपने परिसर के मुख्य भवन में फिल्माए गए विवादास्पद "रैप सॉन्ग" एपिसोड की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। एसपीपीयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर करभरी काले ने कहा कि पैनल एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
पूर्व पुलिस महानिदेशक जयंत उमरानीकर जांच पैनल का नेतृत्व कर रहे हैं। समिति में एसपीपीयू सीनेट के सदस्य बागेश्री मंथलकर; प्रसेनजीत फडणवीस; प्रोफेसर कैप्टन चंद्रशेखर चितले (सेवानिवृत्त); प्रो विलास अधव, निदेशक, लाइफलॉन्ग लर्निंग एंड एक्सटेंशन सेंटर और एसपीपीयू के डिप्टी रजिस्ट्रार मुंजाजी रासवे आदि शामिल हैं।