बता दें कि आरआरबी एनटीपीसी सीबीटी-1 रिजल्ट (RRB NTPC CBT-1 Result) को लेकर युवाओं का विरोध-प्रदर्शन लगातार बढ़ता जा रहा था। बिहार में एक-दो दिन से लगातार कई स्थानों पर परीक्षार्थियों के द्वारा ट्रेनें रोके जाने और पटरियों को जाम करने की घटनाएं सामने आ रही थीं। पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल पर सोमवार शाम को तो पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज का प्रयोग भी करना पड़ा। मामले को लेकर अज्ञात 500 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।
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प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आरआरबी एनटीपीसी भर्ती (RRB NTPC Recruitment) सीबीटी-1 के रिजल्ट में जोन वाइज कुल पदों के 20 गुना अभ्यर्थियों को क्वालीफाई घोषित किया जाना था। लेकिन विभिन्न स्लॉट में पदों की संख्या को आधार मानकर अलग- अलग हर स्लॉट के लिए 20 गुना अभ्यर्थियों को क्वालीफाई घोषित किया गया है। इससे परीक्षा में क्वालीफाई करने वाली अभ्यर्थियों की वास्तविक संख्या 20 गुना के बजाय महज 5-6 गुना रह गई है। इसे लेकर ही उम्मीदवारों में नाराजगी है। क्योंकि, अब सीमित संख्या में ही अभ्यर्थी आरआरबी एनटीपीसी भर्ती के दूसरे चरण यानी सीबीटी-2 परीक्षा में भाग ले पाएंगे।
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उधर, रेलवे भर्ती बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया था कि दूसरे चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी-2) के लिए सात लाख अलग-अलग उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। एक उम्मीदवार को उसकी पात्रता, योग्यता और विकल्प के अनुसार एक से अधिक स्तरों के लिए चयनित किया जा सकता है। इसलिए, सात लाख रोल नंबरों की सूची में कुछ नाम एक से अधिक सूची में दिखाई देंगे। अंतिम चयन के दौरान उम्मीदवार को एक पद पर नौकरी मिलेगी।