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JEE Mains 2025 Tie-Breaking Rule: बदल गया जेईई मेन के लिए टाई-ब्रेकिंग नियम; पढ़ें एनटीए के नए निर्देश

Mon, 28 Oct 2024 09:23 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

JEE Mains 2025: जेईई मेंस 2025 सत्र 1 परीक्षा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एनटीए ने परीक्षा के टाई-ब्रेक नियम में फिर से संशोधन किया है। जो भी उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, उन्हें संशोधित टाई-ब्रेकिंग नियमों को जान लेना चाहिए।
 
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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JEE Mains 2025 Tie-Breaking Rule: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जेईई मेंस 2025 परीक्षा के लिए टाई-ब्रेक नियम में फिर से संशोधन किया है। नवीनतम अपडेट में, समान स्कोर वाले उम्मीदवारों को रैंक प्रदान करते समय उम्मीदवारों की आयु और आवेदन संख्या पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, रैंकिंग केवल परीक्षा में छात्रों के प्रदर्शन पर आधारित होगी। यदि उम्मीदवारों का प्रदर्शन समान है, तो उन्हें समान रैंक दी जाएगी।

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22 नवंबर तक करें पंजीकरण

परीक्षण एजेंसी ने सोमवार शाम, 28 अक्तूबर को जेईई मेन 2025 परीक्षा की तिथियां जारी कर दी हैं। उम्मीदवार 22 नवंबर तक जेईई की नई आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in के माध्यम से आवेदन पत्र भर सकते हैं। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, परीक्षा अस्थायी रूप से 22 जनवरी से होने वाली है, जबकि सत्र 2 अस्थायी रूप से 1 से 15 अप्रैल के बीच आयोजित किया जाएगा।

जेईई मेन परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा में दो पेपर होंगे: पेपर 1, बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (बीई) और बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक) कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए, और पेपर 2, बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (बीआर्क) और बैचलर ऑफ प्लानिंग (बीप्लानिंग) कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए।
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JEE Main 2025: टाई-ब्रेकिंग नियम

समान कुल एनटीए स्कोर वाले अभ्यर्थियों के बीच बराबरी की स्थिति में, इसे हल करने के लिए निम्नलिखित मानदंडों का उपयोग किया जाएगा:
  • गणित में उच्च एनटीए स्कोर
  • भौतिकी में उच्च एनटीए स्कोर
  • रसायन विज्ञान में उच्च एनटीए स्कोर
  • परीक्षण में सभी विषयों में सही उत्तरों की तुलना में गलत उत्तरों का कम अनुपात 
  • गणित में सही उत्तरों की तुलना में गलत उत्तरों का कम अनुपात
  • भौतिकी में सही उत्तरों की तुलना में गलत उत्तरों का कम अनुपात
  • रसायन विज्ञान में सही उत्तरों की तुलना में गलत उत्तरों का कम अनुपात
  • यदि फिर भी बराबरी बनी रहती है तो अभ्यर्थियों को समान रैंक प्रदान की जाएगी।
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